
Sukma से आकर Bastar के जंगल पर कब्जे की साजिश नाकाम, वन विभाग ने 14 लोगों को किया गिरफ्तार
जगदलपुर/बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में वन संपदा को नुकसान पहुँचाने और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। माचकोट वन परिक्षेत्र में अवैध रूप से पेड़ों की कटाई कर रहे 14 लोगों को वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पड़ोसी जिले सुकमा से आकर यहाँ आरक्षित वनभूमि पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे।
सतर्कता से टला बड़ा अतिक्रमण
वन विभाग को खुफिया सूचना मिली थी कि माचकोट रेंज की आरक्षित वनभूमि में कुछ बाहरी लोग अवैध रूप से पेड़ों की कटाई कर रहे हैं। योजनाबद्ध तरीके से जंगल को साफ कर वहां खेती या रिहायशी कब्जे की तैयारी की जा रही थी। सूचना मिलते ही वन विभाग का विशेष दस्ता सक्रिय हुआ और मौके पर दबिश दी।
घेराबंदी कर 14 आरोपियों को दबोचा
वन कर्मियों ने जब जंगल के भीतर घेराबंदी की, तो वहां पेड़ों की कटाई करते हुए 14 लोगों को रंगे हाथों पकड़ा गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये सभी आरोपी सुकमा जिले के कूकानार क्षेत्र के निवासी हैं। आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से माचकोट के घने जंगल को खंडित कर उस पर अपना हक जमाने की साजिश रची थी।

जब्त किए गए कटाई के औजार
कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने मौके से कुल्हाड़ी, आरी और अन्य औजार भी बरामद किए हैं, जिनका उपयोग पेड़ों की कटाई के लिए किया जा रहा था। विभाग ने अवैध कटाई के स्पष्ट साक्ष्यों को पंचनामे में शामिल किया है।
कड़ी धाराओं में केस दर्ज
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ वन विभाग ने सख्त कानूनी कदम उठाए हैं:
- भारतीय वन अधिनियम 1927 और
- लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
सभी 14 आरोपियों को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल जगदलपुर भेज दिया गया है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वनभूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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