
CG शिक्षा विभाग का बड़ा यू-टर्न: निजी स्कूलों में परीक्षा पर बदला फैसला; अब स्कूल प्रबंधन खुद ले सकेंगे लोकल
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने परीक्षाओं के संचालन को लेकर जारी अपने पिछले विवादित आदेश में बड़ा संशोधन किया है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) द्वारा जारी ताजा आदेश के अनुसार, प्रदेश के निजी (अशासकीय) स्कूल अब पहले की तरह अपनी स्थानीय (Local) कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं खुद आयोजित कर सकेंगे। विभाग के इस फैसले से निजी स्कूल संचालकों को बड़ी राहत मिली है।

क्यों लेना पड़ा यू-टर्न?
इससे पहले शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी किया था, जिसमें कक्षा 1 से 11वीं (बोर्ड कक्षाओं को छोड़कर) की स्थानीय परीक्षाएं जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) के माध्यम से केंद्रीकृत तरीके से कराने का निर्देश दिया गया था। इस फैसले का निजी स्कूल एसोसिएशन ने कड़ा विरोध किया था और स्कूलों में तालाबंदी तक की चेतावनी दी थी। एसोसिएशन का तर्क था कि होम एग्जाम का संचालन स्कूल स्तर पर ही होना चाहिए और सत्र के बीच में ऐसे नियम थोपना गलत है।
जानिए क्या है संशोधित आदेश में
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी संशोधित पत्र के बाद अब परीक्षा व्यवस्था की स्थिति इस प्रकार होगी, अशासकीय स्कूलों को स्थानीय कक्षाओं की परीक्षा स्वयं आयोजित करने की छूट दे दी गई है। वे अपने स्तर पर प्रश्नपत्र तैयार कर परीक्षा ले सकेंगे। वहीं शासकीय स्कूल, स्वामी आत्मानंद स्कूल और राज्य के समस्त सरकारी स्कूलों में स्थानीय परीक्षाएं जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के माध्यम से ही संचालित होंगी।

इन नियमों का करना होगा पालन
भले ही निजी स्कूलों को परीक्षा स्वयं लेने की अनुमति मिल गई है, लेकिन विभाग द्वारा तय किए गए मूल्यांकन फॉर्मूले और समय-सीमा का पालन सभी को करना होगा।
- सभी स्कूलों को 28 फरवरी 2026 तक पाठ्यक्रम पूरा करना अनिवार्य है।
- वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन मार्च-अप्रैल के निर्धारित विंडो में ही सुनिश्चित करना होगा।
इस संशोधन के बाद अब निजी स्कूलों में चल रहा विरोध थमने की उम्मीद है, वहीं सरकारी स्कूलों में बोर्ड पैटर्न की तर्ज पर स्थानीय परीक्षाओं की तैयारियां तेज हो गई हैं।
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