
IndiGo पर कार्रवाई की मांग तेज: छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने भेजा लीगल नोटिस, 9,000 करोड़ जुर्माने और 10 गुना मुआवजे की मांग
रायपुर। देशभर में इंडिगो एयरलाइंस की लगातार उड़ानें रद्द होने और भारी देरी से यात्रियों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। बीते चार दिनों में एयरलाइन ने 3,450 से अधिक उड़ानें अचानक रद्द कर दीं, जिससे हजारों यात्री फंस गए। इसी बीच छत्तीसगढ़ सिविल सोसाइटी ने इंडिगो प्रबंधन के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कंपनी को लीगल नोटिस जारी किया है। सोसाइटी ने केंद्र सरकार से एयरलाइन पर 9,000 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने और सभी प्रभावित यात्रियों को टिकट कीमत का 10 गुना मुआवजा देने की मांग की है।

नोटिस सोसायटी के संयोजक डॉ. कुलदीप सोलंकी द्वारा इंडिगो के प्रबंध निदेशक एवं CEO को भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि कंपनी द्वारा बड़े पैमाने पर उड़ानों को बिना पर्याप्त कारण बताए रद्द करना यात्रियों के अधिकारों और भारतीय विमानन नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
सोसायटी ने लगाए गंभीर आरोप
नोटिस में कहा गया है कि—
इंडिगो ने बिना पूर्व सूचना यात्रियों की यात्रा योजनाओं को बाधित किया। वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, बच्चों और मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह कृत्य भारतीय अनुबंध अधिनियम, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, व DGCA दिशा-निर्देशों का खुला उल्लंघन है। सोसायटी ने इसे घोर अनुबंधभंग (Breach of Contract) और सेवा में कमी (Deficiency in Service) का स्पष्ट मामला बताया है।
5 दिन के भीतर मुआवजा देने का निर्देश
- नोटिस में इंडिगो को आदेशित किया गया है कि वह—
- हर पीड़ित यात्री को टिकट मूल्य का 10 गुना मुआवजा,
- होटल, वैकल्पिक यात्रा व अन्य खर्चों की पूर्ण प्रतिपूर्ति,
- और उड़ानें रद्द करने के वास्तविक कारणों का सार्वजनिक खुलासा
- 5 कार्य दिवसों के भीतर सुनिश्चित करे।

PM, गृह मंत्री और नागरिक उड्डयन मंत्री को शिकायत
सोसायटी ने इस मामले में—
प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को विस्तृत शिकायत भेजकर DGCA से विशेष जांच और इंडिगो पर 1 बिलियन डॉलर (9000 करोड़) का दंड लगाने की मांग की है।
समय पर जवाब न मिलने पर कानूनी कार्रवाई
यदि कंपनी समय सीमा में जवाबदेही नहीं तय करती, तो सोसायटी प्रभावित यात्रियों के साथ मिलकर—
- NCDRC में सामूहिक मुकदमा
- सिविल कोर्ट में हर्जाने की कार्रवाई
- और DGCA के समक्ष आपराधिक शिकायत
- दर्ज करने की चेतावनी दी है।

सोसायटी ने कहा है कि यह संकट इंडिगो की “मनमानी और गैर-जिम्मेदाराना नीति” का परिणाम है और कानूनी प्रक्रियाओं से जुड़े सभी खर्चों का दायित्व भी एयरलाइन पर ही होगा।
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