
दुनिया के सबसे उम्रदराज मैराथन धावक फौजा सिंह की Hit-and-Run में मृत्यु
घटना का विवरण
पंजाब के जालंधर जिले में 14 जुलाई, 2025 को एक दुखद हिट-एंड-रन घटना में दुनिया के सबसे उम्रदराज मैराथन धावक, 114 वर्षीय फौजा सिंह की मृत्यु हो गई। फौजा सिंह, जिन्हें ‘टर्बनेड टॉर्नेडो’ के नाम से जाना जाता था, अपने पैतृक गांव ब्यास पिंड में सड़क पार करते समय एक तेज रफ्तार एसयूवी की चपेट में आ गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गंभीर सिर की चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई।
संदिग्ध की गिरफ्तारी
पंजाब पुलिस ने इस हिट-एंड-रन मामले में मुख्य संदिग्ध, 26 वर्षीय एनआरआई अमृतपाल सिंह ढिल्लों को गिरफ्तार कर लिया है। ढिल्लों को मंगलवार रात जालंधर जिले के दसूपुर गांव में उनके घर से हिरासत में लिया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और दुर्घटना स्थल पर पाए गए वाहन के हेडलाइट के टुकड़ों की मदद से संदिग्ध की पहचान की। उनकी पंजाब-रजिस्टर्ड टोयोटा फॉर्च्यूनर भी जब्त कर ली गई है।

संदिग्ध का बयान
पुलिस पूछताछ के दौरान, अमृतपाल सिंह ढिल्लों ने दावा किया कि उन्हें घटना के समय यह नहीं पता था कि उन्होंने फौजा सिंह को टक्कर मारी थी। उन्होंने कहा कि उन्हें टीवी समाचारों के माध्यम से ही बाद में पता चला कि पीड़ित प्रसिद्ध मैराथन धावक थे। ढिल्लों ने स्वीकार किया कि वह डर के कारण दुर्घटना स्थल से भाग गए थे। पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 (लापरवाही से ड्राइविंग) और धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया है।
फौजा सिंह का प्रेरणादायक जीवन
फौजा सिंह, जिनका जन्म 1 अप्रैल, 1911 को ब्यास गांव में हुआ था, ने 89 वर्ष की आयु में मैराथन दौड़ शुरू की थी। उन्होंने 2000 में लंदन मैराथन में अपनी शुरुआत की और 2011 में 100 वर्ष की आयु में टोरंटो मैराथन पूरी करके इतिहास रचा। वह 2012 लंदन ओलंपिक में मशाल वाहक भी थे। उनकी उपलब्धियों ने दुनिया भर में लाखों लोगों को प्रेरित किया, हालांकि जन्म प्रमाणपत्र की कमी के कारण गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने उन्हें आधिकारिक तौर पर मान्यता नहीं दी।
नेताओं और समुदाय का शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फौजा सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी अनूठी शख्सियत और फिटनेस के प्रति समर्पण ने भारत के युवाओं को प्रेरित किया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी उनकी मृत्यु पर गहरा दुख जताया। पंजाब विधानसभा ने मंगलवार को उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। यूनाइटेड किंगडम में, जहां फौजा सिंह 1992 से रह रहे थे, सिख समुदाय और उनके प्रशंसकों ने उनकी स्मृति में कई स्मारक आयोजनों की घोषणा की है।
जांच और भविष्य के कदम
पंजाब पुलिस ने इस मामले की गहन जांच शुरू की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों ने संदिग्ध की पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि यदि ढिल्लों ने तुरंत फौजा सिंह को अस्पताल पहुंचाया होता, तो उनकी जान बचाई जा सकती थी। इस घटना ने सड़क सुरक्षा और हिट-एंड-रन मामलों में सख्त सजा की मांग को फिर से तेज कर दिया है।
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