
Uttar Pradesh में भारी बारिश, Congress ने पीड़ितों के लिए मुआवजा मांगा
भयावह स्थिति और राहत की मांग
27 अगस्त 2025 को उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा ने राज्य के 4288 लोगों की जान ले ली है, जबकि हजारों लोग बेघर हो गए हैं। बाढ़ के कारण फसलों का भारी नुकसान हुआ है, जिससे किसानों की आजीविका पर गहरा असर पड़ा है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बाजपेयी ने इस आपदा को लेकर राज्य सरकार और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने मांग की है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा दिया जाए और राहत कार्यों में तेजी लाई जाए।

आपदा का कहर
उत्तर प्रदेश में आई इस बाढ़ ने कई जिलों को अपनी चपेट में ले लिया है। गंगा, यमुना, और अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भर गया, जिसके कारण सैकड़ों गांवों और शहरों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई मकान बह गए, सड़कों पर पानी भरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया, और बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी प्रभावित हुईं। राहत कार्यों में सहकारी संस्थाओं और सरकारी एजेंसियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही, लेकिन कई जगहों पर अभी भी मदद पहुंचने में देरी हो रही है।
कांग्रेस का आरोप
दीपक बाजपेयी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार ने इस आपदा से निपटने के लिए पहले से कोई ठोस तैयारी नहीं की थी। उन्होंने कहा कि 16,000 से अधिक परिवार अभी भी बाढ़ के कहर से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई उचित कदम नहीं उठाया गया। कांग्रेस नेता ने मांग की है कि प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत शिविर स्थापित किए जाएं और पीड़ितों को भोजन, दवाइयां, और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
जनता की पीड़ा
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति बेहद चिंताजनक है। कई परिवारों ने अपने घर-बार खो दिए हैं, जबकि कई जगहों पर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार ने अभी तक उनकी मदद के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। एक राहत कार्यकर्ता ने बताया कि कई गांवों में बाढ़ का पानी अभी भी भरा हुआ है, जिससे लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।

मुआवजे की मांग और सियासी बयानबाजी
कांग्रेस ने मांग की है कि हर प्रभावित परिवार को कम से कम 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए और बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष योजना बनाई जाए। दूसरी ओर, भाजपा सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं और प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।भयावह स्थिति और राहत की मांग
27 अगस्त 2025 को उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा ने राज्य के 4288 लोगों की जान ले ली है, जबकि हजारों लोग बेघर हो गए हैं। बाढ़ के कारण फसलों का भारी नुकसान हुआ है, जिससे किसानों की आजीविका पर गहरा असर पड़ा है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बाजपेयी ने इस आपदा को लेकर राज्य सरकार और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने मांग की है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा दिया जाए और राहत कार्यों में तेजी लाई जाए।
आपदा का कहर
उत्तर प्रदेश में आई इस बाढ़ ने कई जिलों को अपनी चपेट में ले लिया है। गंगा, यमुना, और अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भर गया, जिसके कारण सैकड़ों गांवों और शहरों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई मकान बह गए, सड़कों पर पानी भरने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया, और बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी प्रभावित हुईं। राहत कार्यों में सहकारी संस्थाओं और सरकारी एजेंसियों की भूमिका महत्वपूर्ण रही, लेकिन कई जगहों पर अभी भी मदद पहुंचने में देरी हो रही है।
कांग्रेस का आरोप
दीपक बाजपेयी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार ने इस आपदा से निपटने के लिए पहले से कोई ठोस तैयारी नहीं की थी। उन्होंने कहा कि 16,000 से अधिक परिवार अभी भी बाढ़ के कहर से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई उचित कदम नहीं उठाया गया। कांग्रेस नेता ने मांग की है कि प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत शिविर स्थापित किए जाएं और पीड़ितों को भोजन, दवाइयां, और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

जनता की पीड़ा
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति बेहद चिंताजनक है। कई परिवारों ने अपने घर-बार खो दिए हैं, जबकि कई जगहों पर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार ने अभी तक उनकी मदद के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। एक राहत कार्यकर्ता ने बताया कि कई गांवों में बाढ़ का पानी अभी भी भरा हुआ है, जिससे लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।
मुआवजे की मांग और सियासी बयानबाजी
कांग्रेस ने मांग की है कि हर प्रभावित परिवार को कम से कम 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए और बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष योजना बनाई जाए। दूसरी ओर, भाजपा सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राहत कार्य तेजी से चल रहे हैं और प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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