
वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पर जमकर हंगामा, ग्रामीणों और वन अमले के बीच हुई झड़प
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई उस वक्त बवाल में बदल गई, जब ग्रामीणों और वन विभाग के अमले के बीच जमकर झड़प और मारपीट हो गई। मामला रघुनाथनगर वन परिक्षेत्र अंतर्गत पंडरी गांव का है, जहां अवैध कब्जा हटाने पहुंची टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा।

रातों-रात किया गया था कब्जा
जानकारी के मुताबिक पंडरी गांव के केनवारी क्षेत्र में वन भूमि पर रातों-रात अवैध अतिक्रमण कर लिया गया था। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने वन भूमि पर दुकानें और अस्थायी ढांचे खड़े कर दिए थे। सूचना मिलने पर वन विभाग का अमला अतिक्रमण हटाने शनिवार को मौके पर पहुंचा।
कार्रवाई के दौरान बढ़ा विवाद
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद धक्का-मुक्की और मारपीट में तब्दील हो गया। आरोप है कि ग्रामीणों ने रेंजर शिवनाथ ठाकुर समेत कई वन अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मारपीट व अभद्रता की। करीब एक घंटे तक मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही।
पुलिस की दखल से संभली स्थिति
स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को मौके पर बुलाया गया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है और किसी अन्य अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
ग्रामीणों के गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने रघुनाथनगर वन परिक्षेत्र के रेंजर शिवनाथ ठाकुर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले पैसे लेकर वन भूमि पर कब्जा करवाया गया और अब वही कब्जा हटाने की कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों का दावा है कि जितना पैसा दिया जाता था, उतनी जमीन पर कब्जा कराया गया।

DFO का सख्त बयान
वन मंडलाधिकारी आलोक बाजपेयी ने स्पष्ट कहा है कि वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी अपने कर्तव्य का पालन कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान जिन लोगों ने झड़प, मारपीट और अभद्रता की है, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की जा रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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