
उप निदेशक के हस्ताक्षर से हुआ करोड़ों का घोटाला
भास्कर जांच ने खोला घोटाले का राज, पंचायती राज और वृद्धावस्था पेंशन के फंड SRC में ट्रांसफर

भास्कर जांच की एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने एक बड़े घोटाले का खुलासा किया है, जिसमें उप निदेशक के हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये का गबन किया गया। इस घोटाले में पंचायती राज और वृद्धावस्था पेंशन के फंड को SRC में स्थानांतरित किया गया। हैरानी की बात यह है कि 15 साल तक इस घोटाले को दबाने के लिए फाइलों को छिपाया गया, और इस दौरान तीन अलग-अलग मंत्रियों ने कार्यभार संभाला, लेकिन किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
घोटाले का खुलासा, कैसे हुआ खेल?
रिपोर्ट के अनुसार, उप निदेशक के हस्ताक्षर का उपयोग कर इस घोटाले को अंजाम दिया गया। अधिकारियों ने फाइलों को दबाकर इस मामले को उजागर होने से रोका। पंचायती राज और वृद्धावस्था पेंशन जैसे महत्वपूर्ण योजनाओं के फंड को गलत तरीके से SRC में स्थानांतरित किया गया, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।

15 साल, तीन मंत्री, फिर भी अनजान
पिछले 15 वर्षों में तीन मंत्रियों ने संबंधित विभाग का नेतृत्व किया, लेकिन इस घोटाले की जानकारी किसी को नहीं थी। यह सवाल उठता है कि इतने बड़े पैमाने पर हुए इस घोटाले को इतने लंबे समय तक कैसे छिपाया गया? भास्कर जांच ने इस मामले में गहरी छानबीन की और कई चौंकाने वाले तथ्य सामने लाए।
इस खुलासे के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि इस घोटाले के दोषियों पर क्या कार्रवाई होगी? क्या दबाई गई फाइलें अब सामने आएंगी और प्रभावित योजनाओं के फंड की वसूली हो पाएगी? जनता को इंतजार है इस मामले में सख्त कार्रवाई और पारदर्शिता की।
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