
तमिलनाडु में झारखंड के 6 व्यक्तियों का अपहरण
22 जुलाई , 25
तमिलनाडु में काम के लिए पहुंचे झारखंड के जामताड़ा जिले के बोरवा गांव के छह युवकों का 16 जुलाई को अपहरण कर लिया गया। ये युवक, जिनकी उम्र 20 से 21 वर्ष के बीच थी, ट्रेन से उतरने के बाद नौकरी स्थल की ओर जा रहे थे, तभी एक स्थानीय गिरोह ने उन्हें बस में जबरन ले जाकर अगवा कर लिया। अपहरणकर्ताओं ने इन युवकों की बोली और शारीरिक हाव-भाव से उन्हें प्रवासी मजदूर के रूप में पहचान लिया था।
फिरौती की मांग और धमकी

अपहरणकर्ताओं ने पीड़ितों के परिवारों को वीडियो कॉल के जरिए संपर्क किया और बंदूक की नोक पर युवकों को दिखाकर फिरौती की मांग की। उन्होंने परिवारों को धमकी दी कि यदि फिरौती नहीं दी गई तो युवकों को मार दिया जाएगा। इस दौरान अपहरणकर्ताओं ने युवकों के बैंक खातों से पैसे भी निकाल लिए और उनके मोबाइल फोन भी चुरा लिए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
जामताड़ा के विधायक और राज्य स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने मामले को गंभीरता से लिया और तमिलनाडु व झारखंड पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया। तमिलनाडु पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अपहृत युवकों का पता लगाया। अपहरणकर्ताओं ने युवकों को सलेम रेलवे स्टेशन के पास छोड़ दिया था, जहां से पुलिस ने उन्हें सुरक्षित बचा लिया।
युवकों की सुरक्षित वापसी
पुलिस ने सलेम पुलिस स्टेशन में युवकों को लाया और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए झारखंड भेजने की व्यवस्था शुरू की। एक युवक, अजहरुद्दीन, ने किसी और के फोन से अपने परिवार को अपनी सुरक्षा की सूचना दी, जिससे पुलिस को उनकी लोकेशन का पता चला। पुलिस ने पीड़ितों के बयान दर्ज किए और मामले की जांच शुरू की।
भविष्य के लिए सबक
इस घटना ने प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। तमिलनाडु और झारखंड पुलिस के त्वरित समन्वय ने इस मामले में बड़ा हादसा टाल दिया, लेकिन यह घटना प्रवासियों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है। अधिकारियों ने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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