
Surajpur शादी का झांसा देकर 20 वर्षीय युवती का यौन शोषण: फरार आरोपी युवक गिरफ्तार,
छत्तीसगढ़ (2 अक्टूबर 2025): छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने शादी का लालच देकर एक 20 वर्षीय युवती का लंबे समय तक यौन शोषण किया। आरोपी ने विभिन्न बहाने बनाकर शादी को टालते हुए पीड़िता को धोखा दिया, लेकिन जब मामला बेनकाब होने लगा, तो वह फरार हो गया। पीड़िता की बहादुरी भरी शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला करंजी चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आता है, और पुलिस अब आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

घटना की शुरुआत: रिश्तेदार की शादी में हुई मुलाकात
यह दर्दनाक कथा की शुरुआत एक खुशी के मौके से हुई। करीब छह महीने पहले, सूरजपुर के करंजी क्षेत्र में एक रिश्तेदार की शादी के आयोजन के दौरान 20 वर्षीय युवती की मुलाकात आरोपी युवक से हुई। आरोपी, जो स्थानीय निवासी है और उम्र में पीड़िता के लगभग बराबर बताया जा रहा है, ने खुद को एक जिम्मेदार और परिवार-उन्मुख व्यक्ति के रूप में पेश किया। शादी की रस्मों के बीच दोनों की बातचीत शुरू हुई, और आरोपी ने जल्द ही पीड़िता को शादी का प्रस्ताव रख दिया। युवती, जो एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती है और स्थानीय स्तर पर अपनी पढ़ाई पूरी कर चुकी है, ने इस प्रस्ताव को दिल से स्वीकार कर लिया।
इसके बाद आरोपी ने पीड़िता को बार-बार आश्वासन दिया कि वह उसके परिवार से जल्द ही मिलेगा और शादी की तारीख तय कर ली जाएगी। लेकिन यह सब एक सोची-समझी चाल का हिस्सा साबित हुआ। आरोपी ने शादी के नाम पर पीड़िता को अकेले में बुलाया, भावनात्मक दबाव बनाया और उसका यौन शोषण शुरू कर दिया। पीड़िता ने बताया कि आरोपी ने उसे विश्वास दिलाया कि यह सब शादी से पहले का ‘नजदीकी का रिश्ता’ है, लेकिन वास्तव में यह शोषण का क्रूर खेल था।

बहानों का पुलिंदा: शादी की टलती तारीखें
शोषण की घटनाएं बढ़ती गईं, लेकिन शादी की बात पर आरोपी हर बार कोई न कोई बहाना बना देता। कभी वह आर्थिक तंगी का रोना रोता, तो कभी परिवार के विरोध का हवाला देता। पीड़िता ने कई बार आरोपी से शादी की औपचारिक बात करने की कोशिश की, यहां तक कि अपने परिवार को इस रिश्ते के बारे में बताने की धमकी भी दी। लेकिन आरोपी ने हर बार मनौव्वल कर पीड़िता को चुप करा दिया। इस दौरान पीड़िता मानसिक रूप से टूट चुकी थी, लेकिन सामाजिक कलंक के डर से वह चुप्पी साधे रही।



