
Surajpur: फूड पॉइजनिंग से महिला की मौत, पति-बेटी की हालत गंभीर, गांव में मेडिकल कैंप
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के एक छोटे से गांव में खाद्य विषाक्तता (फूड पॉइजनिंग) की घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। एक 45 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि उसके पति और बेटी की हालत गंभीर बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गांव में मेडिकल कैंप लगाने का फैसला किया है, ताकि अन्य प्रभावित लोगों का इलाज हो सके। यह घटना खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के प्रति जागरूकता की कमी को उजागर करती है।

घटना का विवरण: संदिग्ध भोजन से फैली तबाही
घटना गुरुवार रात की बताई जा रही है, जब परिवार ने घर पर बनी सब्जी और रोटी का सेवन किया। सुबह होते ही परिवार के सदस्यों को उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। सबसे पहले प्रभावित हुईं 45 वर्षीय शकुंतला बाई, जिनकी हालत बिगड़ते ही उन्हें नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने फूड पॉइजनिंग का संदेह जताया, लेकिन देरी से पहुंचने के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
शकुंतला के पति रामलाल (48 वर्ष) और बेटी रानी (18 वर्ष) को भी तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों को आईसीयू में रखा गया है और एंटीबायोटिक्स व आईवी फ्लूइड दिए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सब्जी में इस्तेमाल की गई हरी सब्जी खराब हो चुकी थी, जिससे बैक्टीरिया फैल गए।
प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया: मेडिकल कैंप से राहत
जानकारी मिलते ही सूरजपुर जिला प्रशासन ने फौरन संज्ञान लिया। जिला कलेक्टर डॉ. आशीष तिवारी ने बताया कि गांव में शुक्रवार सुबह से मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया है, जिसमें 50 से अधिक स्वास्थ्यकर्मी तैनात हैं। कैंप में न केवल प्रभावित परिवारों का इलाज हो रहा है, बल्कि पूरे गांव के 500 से ज्यादा निवासियों की स्क्रीनिंग की जा रही है।
“हमने खाद्य सुरक्षा विभाग को भी अलर्ट कर दिया है। गांव के सभी पानी के स्रोतों और खाद्य सामग्री की जांच कराई जा रही है,” डॉ. तिवारी ने कहा। कैंप में मुफ्त दवाइयां, जांच और परामर्श उपलब्ध हैं। अब तक 100 से अधिक लोगों को प्रारंभिक लक्षण पाए गए हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



