
Supreme Court ने सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जारी किए नए निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने देश भर में सड़क दुर्घटनाओं और मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से सड़क सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। यह निर्णय 2012 में डॉ. एस. राजसीकरण द्वारा दायर एक रिट याचिका के आधार पर लिया गया है। कोर्ट ने सड़क सुरक्षा नियमों के सख्ती से पालन और उल्लंघन को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने के आदेश दिए हैं।

दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य
सुप्रीम कोर्ट ने दोपहिया वाहन चालकों और उनके साथ बैठने वाले यात्रियों के लिए हेलमेट के उपयोग को अनिवार्य करने का सख्त निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि हेलमेट न पहनने से होने वाली दुर्घटनाओं में जानमाल का नुकसान रोकने के लिए यह कदम आवश्यक है। राज्य सरकारों को इस नियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
गलत लेन में ड्राइविंग और खतरनाक ओवरटेकिंग पर रोक
कोर्ट ने गलत लेन में वाहन चलाने और असुरक्षित तरीके से ओवरटेकिंग करने की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताई। इन गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिस और परिवहन विभागों को तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। कोर्ट ने सड़क पर अनुशासन बनाए रखने के लिए नियमित जांच और दंडात्मक कार्रवाई पर जोर दिया।
एलईडी लाइट्स और स्ट्रोब लाइट्स पर प्रतिबंध
सुप्रीम कोर्ट ने वाहनों में चकाचौंध करने वाली एलईडी लाइट्स के उपयोग पर रोक लगाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, लाल-नीली स्ट्रोब लाइट्स और हूटर के अनधिकृत बिक्री और दुरुपयोग पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। कोर्ट ने कहा कि इनका गलत उपयोग सड़क पर अन्य चालकों के लिए खतरा पैदा करता है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियम बनाने की समय सीमा
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सड़क सुरक्षा से संबंधित नियमों को तैयार करने और अधिसूचित करने के लिए छह महीने की समय सीमा दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस अवधि में राज्यों को अपने नियमों को लागू करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे ताकि सड़क सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके।
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