
Supree Court ने ट्रायल कोर्ट के फैसलों के लिए नया फॉर्मेट तय किया; गवाहों और सबूतों का चार्ट बनाना अनिवार्य
नई दिल्ली, 15 दिसंबर 2025: सुप्रीम कोर्ट ने आपराधिक मुकदमों में ट्रायल कोर्ट के फैसलों के लिए एक नई अनिवार्य फॉर्मेट जारी किया है। शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया है कि अब सभी ट्रायल कोर्ट के फैसलों में गवाहों, दस्तावेजी सबूतों और मटीरियल ऑब्जेक्ट्स के लिए व्यवस्थित चार्ट (Tabulated Charts) शामिल करना अनिवार्य होगा, जिससे फैसलों की समझ और समीक्षा दोनों आसान होगी।
नए अनिवार्य दिशानिर्देश: चार्ट का होना जरूरी
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि फैसले में सबूतों को स्पष्ट रूप से दर्शाने से न केवल पक्षकारों को बल्कि उच्च न्यायालयों और अपीलीय अदालतों को भी मामला समझने में मदद मिलेगी। इसके तहत निम्न चार्ट शामिल करना आवश्यक होगा।

गवाहों का मानक चार्ट: जिसमें क्रमांक, गवाह का नाम और गवाह की भूमिका (जैसे शिकायतकर्ता, चश्मदीद गवाह, जांच अधिकारी आदि) शामिल होगा।
दस्तावेजों का मानक चार्ट: ट्रायल में पेश किए गए सभी दस्तावेजों की सूची, उनके एक्ज़िबिट नंबर, विवरण और कौन-सा गवाह उसे साबित करता है, यह सभी जानकारी दर्शाना अनिवार्य है।
मटीरियल ऑब्जेक्ट्स का मानक चार्ट: यदि कोई भौतिक साक्ष्य (जैसे हथियार, कपड़े आदि) प्रस्तुत किया गया हो, तो उसके विवरण, नंबर और उसे साबित करने वाले गवाह का नाम शामिल किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि यह नया फॉर्मेट फैसले के परिशिष्ट (Appendix) या अंतिम हिस्से में शामिल किया जाए।
फैसले में शामिल एक प्रमुख केस
इन मानकों को लागू करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक पुराने रेप मामले में आरोपी की दोषसिद्धि रद्द कर दी। आरोपी मनोजभाई जेठाभाई परमार को 13 साल जेल में रहने के बाद बरी किया गया। कोर्ट ने जांच प्रक्रिया को “लापरवाही से भरा और बुरी तरह फेल” बताया।
क्या बदलाव का असर होगा?
नऐ फॉर्मेट से ट्रायल कोर्ट के फैसलों में स्पष्टता, पारदर्शिता और साक्ष्य की समीक्षा की व्यवस्थित प्रस्तुति सुनिश्चित होगी। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री को हाईकोर्टों के रजिस्ट्रार जनरल को यह आदेश भेजने के निर्देश भी दिए हैं ताकि सभी अदालतें इसका पालन करें।
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