
ग्राम सभा के फैसले को Supreme Court ने सही माना, छत्तीसगढ़ के Kanker जिले का मामला
Supreme Court of India का बड़ा फैसला, कांकेर के गांवों में बाहरी धर्म प्रचारकों के प्रवेश पर रोक बरकरार
कांकेर/दिल्ली। कांकेर जिले के कुछ गांवों में बाहरी धर्म प्रचारकों के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ दायर याचिका को Supreme Court of India ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ग्राम सभाएं अपने वैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए सामाजिक और सांस्कृतिक संरक्षण से जुड़े निर्णय लेने के लिए सक्षम हैं।
ग्राम सभाओं के अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर
अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संविधान और संबंधित कानूनों के तहत ग्राम सभाओं को स्थानीय प्रशासन, परंपराओं और सामाजिक-सांस्कृतिक हितों की रक्षा के लिए आवश्यक निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त है। अदालत ने यह भी माना कि ग्राम सभा अपने क्षेत्र की रीति-रिवाजों और सामाजिक संरचना के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठा सकती है।
कोर्ट के इस निर्णय के बाद संबंधित गांवों में लगाए गए प्रवेश निषेध संबंधी बोर्ड फिलहाल प्रभावी रहेंगे।

पहले हाईकोर्ट में भी खारिज हुई थी याचिका
बता दें कि जिन गांवों में बाहरी धर्म प्रचारकों के प्रवेश पर रोक संबंधी बोर्ड लगाए गए थे, उसी फैसले को चुनौती देते हुए पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे, जहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली।
डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने किया फैसले का स्वागत
प्रदेश के डिप्टी सीएम Vijay Sharma ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से आदिवासी संस्कृति, परंपरा और स्थानीय सामाजिक संरचना के संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने इसे ग्राम स्वशासन और संवैधानिक अधिकारों की जीत बताया।
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