
सुपेला Police की बड़ी कार्रवाई—Mule Account के जरिए साइबर धोखाधड़ी करने वाले पांच आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग जिले के सुपेला थाना पुलिस ने साइबर ठगी के जरिए म्युल अकाउंट का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी करने वाले 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में तीन युवक और दो विधि संघर्षरत बालक शामिल हैं, जिन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार पूरी वैधानिक प्रक्रिया अपनाई।

कैसे हुआ खुलासा?
प्रार्थी मयंक जंघेल ने सुपेला थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके दो बैंक खातों—कोटक महिंद्रा बैंक सुपेला ब्रांच और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक छुईखदान में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अवैध धनराशि जमा करवा कर पैसे निकाले गए। जान-पहचान के आरोपी पीयुष जंघेल ने मयंक को कॉल किया और कहा कि उसका बैंक लिमिट हो गया है, उसे पैसे की जरूरत है, तो वह मयंक के खातों में पैसे डालेगा और उसे निकालने के लिए कोई अन्य व्यक्ति उसके पास भेजेगा।
मिनेश पाल और अजय कुमार जंघेल, आरोपी के दोस्त, बैंक एटीएम के पास पहुंचे और मोबाइल से फोन पे के माध्यम से UPI आईडी से मयंक के खाते में 20,000 रुपये और 37,000 रुपये डाले गए—दोनों ट्रांसफर में मु्स्कान साहू का नाम दिखा। बाद में प्रार्थी ने एटीएम से कुल 57,000 रुपये निकालकर आरोपी के दोस्त को दे दिए।
इसी बीच, प्रार्थी का खाता ब्लॉक हो गया। जब उसने बैंक और साइबर सेल से संपर्क किया, तो पता चला उसके खाते में साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। पूरे मामले में आरोपीगणों ने म्युल अकाउंट का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी की रकम निकाली थी।
पुलिस की कार्यवाही
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीन आरोपी व दो विधि संघर्षरत बालकों को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। इनके विरुद्ध 317(2), 318(4), 3(5) बीएनएस सहित अन्य धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर विधिक कार्रवाई की गई। इस पूरे मामले में सुपेला थाना प्रभारी विजय यादव, उनि चितराम ठाकुर, प्र.आर. सुबोध पाण्डेय, आरक्षकों का विशेष योगदान रहा।
आरोपी
- अजय कुमार जंघेल (19), आर्य नगर कोहका
- मिनेश पटेल (19), अंबेडकर चौक टिकरा पारा रायपुर
- पियुष जंघेल (20), आर्य नगर कोहका
- आयुष नायडु (22), ग्रीन वैली स्मृति नगर
- हर्ष चंद्राकर (21), न्यू खुर्सीपार भिलाई
क्या है म्युल अकाउंट साइबर ठगी?

म्युल अकाउंट का इस्तेमाल साइबर अपराधी आसानी से ऑनलाइन ठगी की रकम को निकालने या ट्रांसफर करने के लिए करते हैं। ये पैसे आमतौर पर निर्दोष व्यक्ति के खातों में ट्रांसफर किए जाते हैं, जिनसे बाद में एटीएम या अन्य माध्यम से फर्जीवाड़ा कर निकाले जाते हैं। सुपेला पुलिस की यह कार्यवाही ऑनलाइन ठगी के ऐसे गिरोहों पर लगाम लगाने की बड़ी कोशिश है।
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