
सुपेला में महिला समूह के साथ धोखाधड़ी का मामला: मुख्य आरोपी गिरफ्तार, परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल
दुर्ग, 30 जुलाई 2025:
थाना सुपेला, जिला दुर्ग की पुलिस ने एक बड़े धोखाधड़ी मामले में कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ईश्वरी गोस्वामी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में आरोपी की पत्नी नेमा गोस्वामी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि उनकी बेटी योगिता गोस्वामी और दामाद भरत गोस्वामी भी इस धोखाधड़ी में शामिल पाए गए हैं। परिवार ने मिलकर कम पढ़ी-लिखी महिलाओं को लोन दिलवाने के नाम पर 15 लाख रुपये की ठगी की। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
शिकायत और प्राथमिकी दर्ज
25 जुलाई 2025 को प्रार्थिया पूर्णिमा चौहान ने थाना सुपेला में लिखित शिकायत दर्ज की कि ईश्वरी गोस्वामी, उनकी पत्नी नेमा गोस्वामी, बेटी योगिता गोस्वामी, और दामाद भरत गोस्वामी ने मिलकर रेशने आवास, नेहरू नगर की महिलाओं के साथ धोखाधड़ी की। आरोपियों ने महिलाओं को स्माल फाइनेंस बैंक से लोन दिलवाने का लालच दिया और तबीयत खराब होने, परिवारिक खर्च, और बीमारी के इलाज का बहाना बनाकर 15 लाख रुपये की नकद राशि हड़प ली। इस शिकायत के आधार पर थाना सुपेला में अपराध क्रमांक 853/2025, धारा 318(4) बीएनएस दर्ज किया गया। बाद में, विवेचना के दौरान दो और अपराध क्रमांक 880/2025 और 881/2025, धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत दर्ज किए गए।
आरोपी की गिरफ्तारी और जुर्म का इकबाल
मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने ईश्वरी गोस्वामी (64 वर्ष, निवासी रेशने आवास, नेहरू नगर, सुपेला, हाल मंगल बाजार, रायपुर) को रायपुर से गिरफ्तार किया।

पूछताछ में ईश्वरी ने अपनी पत्नी नेमा, बेटी योगिता, और दामाद भरत के साथ मिलकर दो महीने पहले रेशने आवास की कम पढ़ी-लिखी घरेलू महिलाओं को स्माल फाइनेंस बैंक के माध्यम से लोन दिलवाने और लालच देकर 15 लाख रुपये की नकद राशि हड़पने का जुर्म स्वीकार किया। पुलिस ने ईश्वरी गोस्वामी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय में पेश किया। उनकी पत्नी नेमा गोस्वामी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बेटी और दामाद की तलाश जारी है।
धोखाधड़ी का तरीका
आरोपियों ने कम पढ़ी-लिखी और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को निशाना बनाया। उन्होंने लोन की किस्तें स्वयं चुकाने, परिवारिक खर्चों और बीमारी के इलाज के लिए मदद का झांसा देकर महिलाओं से विश्वास जीता। इसके बाद, लोन की राशि को नकद में लेकर हड़प लिया। इस तरह की धोखाधड़ी ने कई परिवारों को आर्थिक संकट में डाल दिया है। पुलिस का कहना है कि यह एक सुनियोजित षडयंत्र था, जिसमें पूरा परिवार शामिल था।
पुलिस की सराहनीय कार्रवाई
इस कार्रवाई में थाना सुपेला की पुलिस टीम ने त्वरित और प्रभावी कदम उठाए। निरीक्षक विजय कुमार यादव, सउनि पूरनलाल साहू, प्र.आर. सुबोध पाण्डे, रामनारायण यदु, आरक्षक धर्मेंद्र सूर्यवंशी, और गंभीर जाट की सक्रियता और समन्वय से इस मामले में मुख्य आरोपी को पकड़ा गया। पुलिस अब अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और इस तरह की धोखाधड़ी के अन्य संभावित मामलों की जांच कर रही है।
स्थानीय समुदाय की प्रतिक्रिया
इस घटना ने सुपेला और आसपास के क्षेत्रों में हड़कंप मचा दिया है। स्थानीय लोगों, खासकर रेशने आवास की महिलाओं ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है। कई प्रभावित परिवारों ने मांग की है कि इस तरह की धोखाधड़ी को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाएं और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। सामाजिक संगठनों ने भी कमजोर वर्गों को ऐसी ठगी से बचाने के लिए कदम उठाने की मांग की है।
थाना सुपेला की पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह के लोन या वित्तीय लेन-देन के लिए अनजान व्यक्तियों पर भरोसा करने से बचें। साथ ही, ऐसी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। पुलिस ने यह भी कहा कि इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के लिए वित्तीय साक्षरता और जागरूकता जरूरी है। इस मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



