
Supreme Court में फिर गूंजेगी Sugandha Jain की आवाज, Chhattisgarh सरकार ने दोबारा नियुक्त किया ‘स्टैंडिंग काउंसिल’
रायपुर/दिल्ली: छत्तीसगढ़ की बेटी और रायपुर की वरिष्ठ अधिवक्ता सुगंधा जैन ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का मान बढ़ाया है। छत्तीसगढ़ शासन ने उनकी काबिलियत और पिछले कार्यकाल के प्रभावी प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें पुनः सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में राज्य सरकार की स्टैंडिंग काउंसिल (Standing Counsel) नियुक्त किया है।
रायपुर से दिल्ली तक का सफर और बड़ी उपलब्धियां
मूल रूप से रायपुर निवासी सुगंधा जैन लंबे समय से दिल्ली में वकालत कर रही हैं। उनकी इस पुनर्नियुक्ति पर छत्तीसगढ़ के विधि विशेषज्ञों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं और शुभचिंतकों ने खुशी जाहिर की है। सुगंधा जैन वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में चल रहे ‘स्ट्रे डॉग’ (आवारा कुत्ते) जैसे सार्वजनिक महत्व के संवेदनशील मामले में छत्तीसगढ़ सरकार का पक्ष मजबूती से रख रही हैं। वे न केवल राज्य सरकार, बल्कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग, दिल्ली विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की भी पैनल अधिवक्ता हैं।

संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता
अपनी नियुक्ति पर आभार व्यक्त करते हुए सुगंधा जैन ने कहा कि “राज्य सरकार ने मुझ पर जो भरोसा दोबारा जताया है, उसके लिए मैं कृतज्ञ हूँ। मेरा प्रयास रहेगा कि पूरी निष्ठा और संवैधानिक मूल्यों के साथ सर्वोच्च न्यायालय में छत्तीसगढ़ के हितों की रक्षा कर सकूँ।”
सामाजिक और कानूनी क्षेत्रों में सक्रियता
सुगंधा जैन की पहचान केवल एक अधिवक्ता के रूप में ही नहीं, बल्कि एक कानूनी विशेषज्ञ के रूप में भी है:
- POSH अधिनियम: वे NCERT और NIEPA जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न (POSH) अधिनियम के तहत आंतरिक शिकायत समिति की ‘एक्सटर्नल मेंबर’ हैं।
- युवाओं को मार्गदर्शन: हाल ही में उन्होंने ‘मेरा युवा भारत’ कार्यक्रम के तहत बस्तर के बच्चों को कानून की बारीकियों से अवगत कराया था।
- महिला सशक्तिकरण: उन्हें उत्तराखंड हाई कोर्ट में महिला आरक्षण से जुड़े ऐतिहासिक मामले में पैरवी के लिए भी जाना जाता है।
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