
प्रदूषण प्रदर्शन में ‘हिड़मा अमर रहे’ के नारे, आखिर ये दिल्ली में नक्सली समर्थन की एंट्री कैसे?
नई दिल्ली: मोस्ट वांटेड नक्सली कमांडर माडवी हिड़मा, जिसे 18 नवंबर को आंध्र प्रदेश में सुरक्षा बलों ने एनकाउंटर में ढेर किया था, उसकी गूँज रविवार को दिल्ली के इंडिया गेट तक सुनाई दी। दरअसल, वायु प्रदूषण के खिलाफ चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बीच अचानक कुछ युवक-युवतियों ने “हिड़मा अमर रहे”, “कॉमरेड हिड़मा जिंदाबाद” जैसे नारे लगाने शुरू कर दिए। हैरानी की बात ये है कि भीड़ में हिड़मा की तस्वीर वाले पोस्टर भी लहराए गए—जो दिल्ली पुलिस को सकते में डालने के लिए काफी था।

DCP ने मामले को लेकर कही ये बात
DCP देवेश महला ने बताया कि भीड़ में मौजूद कुछ लोग अचानक नक्सली पोस्टर निकालकर सरकार विरोधी नारेबाजी करने लगे। पुलिस का शक है कि किसी संगठित समूह ने प्रदूषण प्रदर्शन के बहाने नक्सली प्रोपेगेंडा चलाने की कोशिश की।
पुलिस के आंखों में फेंकी गई चिली पेपर स्प्रे
स्थिति तब बेकाबू हुई जब पुलिस ने उन्हें सड़क से हटाने की कोशिश की। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों की आँखों में चिली पेपर स्प्रे झोंक दिया—जिससे कई जवान घायल हो गए। यह पहली बार है जब दिल्ली में किसी प्रदर्शन में पुलिस पर चिली स्प्रे का इस्तेमाल किया गया।

15 लोग पुलिस के गिरफ्त में
फिलहाल 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है और दिल्ली पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि आखिर हिड़मा के समर्थक दिल्ली में प्रदर्शन में कैसे घुस आए?

हिड़मा क्यों था इतना बड़ा नाम?
बता दें कि माडवी हिडमा की मौत 18 नवंबर 2025 को आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीताराम राजू जिले में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में हुई जो छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा से सटा इलाका है। इस ऑपरेशन को खास खुफिया इनपुट के आधार पर अंजाम दिया गया ।मुठभेड़ में हिडमा के साथ उसकी पत्नी (राजे/राजक्का) और चार अन्य माओवादी कैडर भी मारे गए । सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक हिड़मा लंबे समय से वांछित था और उस पर कई बड़े नक्सली हमलों की जिम्मेदारी रही थी, इसलिए इस अभियान को नक्सल विरोधी लड़ाई की बड़ी सफलता माना गया ।
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