
Supreme Court : शिक्षकों द्वारा कुत्ते भगाने के मामले को शिक्षा विभाग ने किया स्पष्ट, सुप्रीम कोर्ट का ये है निर्देश
नई दिल्ली। शिक्षा विभाग से जुड़े एक वीडियो मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें स्कूल परिसर में शिक्षक कुत्तों को भगाते दिखाई दे रहे थे। मामले को लेकर कई तरह की गलतफहमियां फैलीं, जिसके बाद शिक्षा विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी की गई। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो को संदर्भ से हटकर प्रस्तुत किया गया और इसे लेकर अनावश्यक भ्रम पैदा किया जा रहा है।
शिक्षा विभाग ने दी सफाई
शिक्षा विभाग ने कहा कि स्कूल परिसर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जा रही थी। शिक्षक सिर्फ छात्रों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से कुत्तों को कक्षाओं से दूर कर रहे थे। विभाग ने यह भी कहा कि वीडियो को गलत तरीके से प्रस्तुत कर शिक्षकों की छवि धूमिल करने की कोशिश की गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने किया स्पष्ट निर्देश जारी
सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि किसी भी सार्वजनिक संस्थान, विशेषकर स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि स्कूल प्रबंधन अवैध या हिंसक तरीके से पशुओं को नुकसान न पहुंचाए, बल्कि स्थानीय निकायों के सहयोग से उचित कार्रवाई सुनिश्चित करे। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि शिक्षकों को दोषी ठहराने से पहले पूरी परिस्थिति को समझना आवश्यक है।
स्कूलों में सुरक्षा को लेकर बनेगा नया प्रोटोकॉल
कोर्ट ने राज्यों को निर्देश दिया है कि स्कूलों में आवारा पशुओं की रोकथाम और प्रबंधन को लेकर ठोस नीति बनाई जाए। इसके लिए शिक्षा विभाग और नगर निगमों को संयुक्त कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
सोशल मीडिया पर फैली गलत जानकारी पर चिंता व्यक्त
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि वायरल किए जाने वाले वीडियो और सूचनाओं पर भी चिंता जताई। अदालत ने कहा कि ऐसी गलतफहमियां शिक्षकों, कर्मचारियों और विभाग की छवि पर अनावश्यक प्रभाव डालती हैं।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



