
Raipur : शेरवानी-चश्मा पहनाकर दी 2 मासूमों को अंतिम विदाई
छत्तीसगढ़ में दो मासूम भाइयों की दर्दनाक मौत के बाद पूरा क्षेत्र शोक में डूबा हुआ है। परिजनों ने छोटे-छोटे बेटों को शेरवानी और चश्मा पहनाकर अंतिम विदाई दी। बच्चों को इस रूप में देख हर किसी की आंखें नम हो गईं। वहीं दोनों बेटों को खो चुके पिता रो-रोकर एक ही बात कहते रहे—“1 करोड़ देता हूं, मेरा बेटा लौटा दो।” मां की हालत अभी भी सदमे में है, वह किसी से बात करने की स्थिति में नहीं है।

कैसे हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि घटना नवकार बिल्डर्स की लापरवाही के चलते हुई। निर्माणाधीन परिसर में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। आसपास रहने वाले बच्चों का वहां आना-जाना था। परिजनों का आरोप है कि यदि साइट को सुरक्षित किया गया होता, तो मासूमों की जान बच सकती थी।
अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब
बच्चों के अंतिम संस्कार के दौरान गांव और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। दोनों मासूमों को एक साथ शेरवानी पहनाकर सजाया गया और उनकी पसंद के चश्मे भी पहनाए गए। परिवार की टूट चुकी दुनिया का यह दृश्य किसी का भी दिल दहला देने के लिए काफी था।
पिता का दर्द — “मेरी दुनिया उजड़ गई”
दोनों बच्चों के पिता बार-बार बिलखते हुए कहते रहे—
“1 करोड़ क्या, मेरी सारी कमाई दे देता… बस मेरे बच्चे वापस दे दो।”
उनकी बात सुनकर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं।

मां की हालत गंभीर, सदमे में पहुंची अस्पताल
दोनों बेटों के जाने से मां की मानसिक स्थिति बेहद खराब है। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने बताया कि वह गहरे सदमे में हैं।
बिल्डर पर कार्रवाई नहीं, परिजनों में आक्रोश
स्थानीय लोगों और परिजनों ने नवकार बिल्डर्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इतने बड़े हादसे के बाद भी न तो गिरफ्तारी हुई, न ही किसी तरह की कानूनी कार्रवाई शुरू हुई है।
जांच की मांग तेज
इलाके के सामाजिक संगठनों ने मामले की हाई-लेवल जांच और बिल्डर के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। लोगों ने प्रशासन पर दबाव बनाया है कि बच्चों की मौत के असली कारणों का पता लगाया जाए और दोषियों को जल्द सजा मिले।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



