
शाला प्रवेश उत्सव पर शर्मनाक घटना: नशे में धुत हेडमास्टर, स्कूल में जड़ा ताला
सुरगुजा, छत्तीसगढ़:
स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र 2025-26 की शुरुआत के लिए आयोजित शाला-प्रवेश-उत्सव के पहले दिन, 16 जून 2025 को सुरगुजा जिले के उदयपुर ब्लॉक के देवटिकरा प्राथमिक स्कूल में एक शर्मनाक घटना सामने आई। स्कूल के हेडमास्टर राजक राम भारी नशे की हालत में स्कूल पहुंचे और बरामदे में बेसुध पड़े मिले। दूसरी ओर, स्कूल का दूसरा शिक्षक छोलाराम बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहा, जिसके कारण स्कूल का गेट खुला ही नहीं और बच्चे बाहर इंतजार करते रहे।
शिक्षक की अनुपस्थिति, स्कूल बंद
देवटिकरा प्राथमिक स्कूल में युक्तिकरण नीति के तहत केवल दो शिक्षक नियुक्त हैं—एक हेडमास्टर और एक सहायक शिक्षक। इस घटना में हेडमास्टर की नशे की हालत और सहायक शिक्षक छोलाराम की अनुपस्थिति के कारण स्कूल पूरी तरह बंद रहा। सुबह से ही बच्चे और उनके अभिभावक स्कूल के बाहर इंतजार करते रहे, लेकिन कोई शिक्षक मौजूद नहीं था।

बीईओ का दौरा, निलंबन की सिफारिश
घटना की जानकारी मिलने पर उदयपुर के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) रविकांत यादव दोपहर 12:30 बजे स्कूल पहुंचे। उस समय तक हेडमास्टर राजक राम वहां से जा चुके थे, और स्कूल का ताला जस का तस था। बीईओ ने ग्रामीणों के बयान दर्ज किए, जिनमें हेडमास्टर की नशे की हालत की पुष्टि हुई। इसके आधार पर बीईओ ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ), सुरगुजा को हेडमास्टर के निलंबन की सिफारिश भेजी। साथ ही, अनुपस्थित शिक्षक छोलाराम को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
यह घटना सुरगुजा जिले में शिक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर करती है। युक्तिकरण नीति के तहत कम शिक्षकों की नियुक्ति के कारण एक शिक्षक की अनुपस्थिति या असमर्थता पूरे स्कूल की कार्यप्रणाली को ठप कर सकती है। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में शिक्षकों की जवाबदेही और शिक्षा विभाग की निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
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