
कान्हा सीमा पर बाघ का हमला: 65 वर्षीय चरवाहे की दर्दनाक मौत
सुपखार कोर एरिया में मिला क्षत-विक्षत शव, ग्रामीणों में आक्रोश
कवर्धा। मध्यप्रदेश के कान्हा नेशनल पार्क के सुपखार परिक्षेत्र और छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले की सीमा पर रविवार को मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक गंभीर घटना सामने आई है। बोड़ला विकासखंड के चिल्फी थाना क्षेत्र के ग्राम सिंघनपुरी निवासी 65 वर्षीय चरवाहा गुनीराम यादव का क्षत-विक्षत शव सुपखार कोर एरिया के जंगल में मिला। शव के आधे हिस्से पर बाघ के हमले के स्पष्ट निशान पाए गए, जिसके आधार पर वन विभाग ने इसे टाइगर अटैक माना है।

गाय-बैल चराने गया था बुजुर्ग चरवाहा
जानकारी के अनुसार, गुनीराम यादव रोजाना की तरह पशुओं को चराने जंगल की ओर गया था। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी खोजबीन शुरू की। तलाश के दौरान कोर एरिया के भीतर उसका क्षत-विक्षत शव मिला, जिसे देखकर सभी स्तब्ध रह गए।
बाघ के पंजों और दांतों के निशान की पुष्टि
वन विभाग की प्रारंभिक जांच में शव के ऊपरी हिस्से पर गहरे घाव व पंजों के निशान मिले। अधिकारियों का कहना है कि हमले की प्रकृति और निशानों के आधार पर मृतक पर बाघ के हमले की पूरी आशंका है। फॉरेंसिक जांच के बाद इसकी आधिकारिक पुष्टि की जाएगी।
ग्रामीणों में आक्रोश, सुरक्षा की मांग तेज
घटना के बाद सिंघनपुरी और आसपास के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ते वन्यजीव-मानव संघर्ष को रोकने के लिए वन विभाग को ठोस कदम उठाने चाहिए। ग्रामीणों ने जंगल में निगरानी बढ़ाने और प्रभावित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



