
शराब घोटाला : Chaitanya Baghel से पूछताछ में बड़े सबूत, रिमांड 29 अक्टूबर तक बढ़ी
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी सहयोगी चैतन्य बघेल की रिमांड को 29 अक्टूबर 2025 तक बढ़ा दिया है। EOW ने कोर्ट में दावा किया है कि चैतन्य से पूछताछ में महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं जो इस घोटाले की जड़ों को उजागर करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि अभी तक इस मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है। चैतन्य बघेल 18 जुलाई 2025 से जेल में हैं और इस मामले में जाँच तेजी से आगे बढ़ रही है।

शराब घोटाले का पृष्ठभूमि
छत्तीसगढ़ में शराब घोटाला (Liquor Scam) राज्य की राजनीति और प्रशासन में एक बड़ा विवाद बन चुका है। इस घोटाले में कथित तौर पर शराब की बिक्री और वितरण में अनियमितताएं, अवैध वसूली और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप शामिल हैं। EOW और प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले की गहन जाँच कर रहे हैं। जाँच एजेंसियों का दावा है कि इस घोटाले में कई बड़े नेता नौकरशाह, और कारोबारी शामिल हैं, जिन्होंने कथित रूप से शराब के कारोबार से अवैध लाभ कमाया।
चैतन्य बघेल, जो पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में प्रभावशाली भूमिका में थे इस मामले में एक प्रमुख संदिग्ध के रूप में सामने आए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने शराब नीति के तहत अनियमितताओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कई अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया।

EOW की जांच और नए खुलासे
EOW ने कोर्ट में प्रस्तुत अपने बयान में कहा कि चैतन्य बघेल से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। इनमें कथित तौर पर शराब वितरण में कमीशन की वसूली, अवैध धन के लेन-देन, और नीतिगत निर्णयों में हेरफेर से संबंधित जानकारी शामिल है। जाँच एजेंसी ने दावा किया कि चैतन्य के बयानों से घोटाले के अन्य बड़े खिलाड़ियों के नाम सामने आ सकते हैं।
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