
‘सबको मेरे पैसे चाहिए’: यूएई में केरल की महिला और बच्ची फंदे पर मिलीं, फेसबुक पर सुसाइड नोट, परिवार ने लगाया दहेज उत्पीड़न का आरोप
दुखद घटना
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शारजाह शहर में 8 जुलाई 2025 को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां केरल की 33 वर्षीय महिला विपांचिका मणियन और उनकी डेढ़ साल की बेटी वैभवी की लाश उनके अल नाहदा स्थित अपार्टमेंट में फंदे पर लटकी मिली। प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या माना जा रहा है, लेकिन विपांचिका के परिवार ने उनके पति और ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है।
सुसाइड नोट में खुलासा
विपांचिका ने अपनी फेसबुक प्रोफाइल पर एक छह पन्नों का सुसाइड नोट पोस्ट किया था, जो समयबद्ध सेटिंग के साथ अपलोड हुआ और बाद में डिलीट हो गया। इस नोट में उन्होंने अपने पति निधीश वलियावीट्टिल, सास नेथु बेनी और ससुर मोहनन पर गंभीर आरोप लगाए। नोट में लिखा था, “वे सब मेरे पैसे चाहते थे। वे कहते थे कि शादी भव्य नहीं थी, दहेज अपर्याप्त था और इसमें कार शामिल नहीं थी। मुझे बेघर और भिखारी कहकर अपमानित किया जाता था।” उन्होंने यह भी बताया कि उनकी सैलरी पर ससुराल वालों का नियंत्रण था और उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक यातना झेलनी पड़ी।
परिवार का आरोप
विपांचिका की मां श्यामला ने कुंदारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने दावा किया कि उनकी बेटी को 2020 में शादी के बाद से ही दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। श्यामला ने बताया कि विपांचिका को उसकी शक्ल-सूरत के लिए अपमानित किया जाता था और उसे अपने पति से सामान्य संबंध रखने से भी रोका जाता था। नोट में विपांचिका ने अपनी बेटी के बारे में लिखा, “मैंने अपनी बेटी का चेहरा अभी तक पूरा नहीं देखा।” परिवार ने इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि दोहरे हत्याकांड की आशंका जताई है और यूएई दूतावास, केरल मुख्यमंत्री और कोल्लम पुलिस आयुक्त से गहन जांच की मांग की है।
कानूनी कार्रवाई
कोल्लम पुलिस ने विपांचिका के पति निधीश को पहला आरोपी, उनकी सास नेथु को दूसरा और ससुर मोहनन को तीसरा आरोपी बनाया है। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 85 (पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा महिला के प्रति क्रूरता) और 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3 और 4 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। श्यामला अपनी बेटी और पोती के शव को केरल लाने के लिए शारजाह गई हैं, लेकिन पोस्टमॉर्टम अभी तक पूरा नहीं हुआ है।
सामाजिक प्रतिक्रिया
इस घटना ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी है, जहां लोग दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। एक एक्स पोस्ट में लिखा गया, “विपांचिका की बेटी की एकमात्र गलती अपने पति से प्यार करना थी, और उसकी चुप्पी इस त्रासदी का कारण बनी।” परिवार ने मांग की है कि शवों को भारत लाया जाए और पूरी जांच की जाए। यह घटना दहेज जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ कठोर कार्रवाई की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
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