
रूसी महिला और उसकी बेटियों की गोकर्ण गुफा से रेस्क्यू: अब गंदगी में रहने को मजबूर, जंगल में थीं खुश
गोकर्ण की गुफा में रह रही थीं रूसी महिला और बेटियां
कर्नाटक के गोकर्ण के पास रामतीर्थ पहाड़ियों में एक रूसी महिला, नीना कुटिना, अपनी दो छोटी बेटियों, प्रेमा (6 वर्ष) और अम्मा (4 वर्ष) के साथ एक गुफा में रह रही थीं। 11 जुलाई को गोकर्ण पुलिस ने उन्हें खोजा और रेस्क्यू किया। नीना ने बताया कि वे प्रकृति के बीच ध्यान और आत्मनिर्भर जीवन जी रही थीं।
बेटे की राख छीनी गई: नीना का दावा

नीना ने दावा किया कि उनके बेटे की राख, जो उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण थी, रेस्क्यू के दौरान अधिकारियों द्वारा ले ली गई। उन्होंने कहा कि वे जंगल में शांति और स्वतंत्रता के साथ रह रही थीं, लेकिन अब उन्हें गंदगी और असुविधा भरे माहौल में रहने को मजबूर किया गया है।
प्रकृति में थीं खुश, अब असहज जीवन
नीना ने बताया कि जंगल में उनका जीवन शांतिपूर्ण और रचनात्मक था। वे पिछले 15 वर्षों में 20 देशों की यात्रा कर चुकी हैं और भारत से उनका गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। गोकर्ण में वे प्रकृति के बीच आत्मनिर्भर जीवन जी रही थीं, लेकिन रेस्क्यू के बाद उन्हें समाज की असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
पुलिस की खोज और रेस्क्यू ऑपरेशन
गोकर्ण पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर श्रीधर एसआर की अगुआई में एक टीम ने रामतीर्थ पहाड़ी पर संदिग्ध गतिविधि देखी। जांच के दौरान उन्हें गुफा में नीना और उनकी बेटियां मिलीं। नीना ने पुलिस को बताया कि वे ध्यान और प्रकृति के साथ जीवन जीने के लिए वहां आई थीं।
रूसी दूतावास से मिल रही मदद
नीना ने पुष्टि की कि अब वे रूसी दूतावास के संपर्क में हैं, जो उनकी और उनकी बेटियों की मदद कर रहा है। नीना का कहना है कि वे भारत से बहुत प्यार करती हैं और यहां का पर्यावरण और लोग उन्हें बहुत प्रिय हैं।
बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, घने जंगल और खड़ी पहाड़ियों में रहना छोटे बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं था। नीना का दावा है कि उनके पास प्रकृति में रहने का काफी अनुभव है और वे खतरे में नहीं थीं। फिर भी, बच्चों की भलाई को लेकर चिंताएं व्यक्त की जा रही हैं।
नीना का पक्ष: जंगल में नहीं थी कोई खतरा
नीना ने कहा, “हम मर नहीं रहे थे। मैंने अपने बच्चों को जंगल में मरने के लिए नहीं लाया।” उन्होंने जोर देकर कहा कि उनका परिवार प्रकृति में खुश था और गुफा में कोई खतरा नहीं था। अब समाज में लौटने के बाद उन्हें असुविधा और गोपनीयता की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



