
रिहायशी इलाकों में OYO होटल का कब्जा! संदिग्ध गतिविधियों से लोग परेशान, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
छत्तीसगढ़ में रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से संचालित हो रहे OYO होटलों के कारण स्थानीय निवासियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। नियमों को ताक पर रखकर संचालित इन होटलों में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे लोगों का जीना मुहाल हो गया है।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और अन्य शहरों के रिहायशी इलाकों में OYO जैसे होटलों का संचालन तेजी से बढ़ रहा है। ये होटल न केवल नियम-कायदों की अनदेखी कर रहे हैं, बल्कि इनके कारण स्थानीय निवासियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शोर-शराबे, असामाजिक तत्वों का जमावड़ा और संदिग्ध गतिविधियों की वजह से लोग अपने ही घरों में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
नियमों की खुलेआम अनदेखी
नगर निगम और प्रशासन के नियमों के अनुसार, रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद, OYO और अन्य होटल संचालक बिना उचित अनुमति के इन क्षेत्रों में होटल चला रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन होटलों में देर रात तक शोर-शराबा होता है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को खासी परेशानी हो रही है।
स्थानीय निवासी रमेश साहू ने बताया, “हमारे मोहल्ले में एक OYO होटल खुल गया है। रातभर असामाजिक तत्वों का आना-जाना लगा रहता है। कई बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।”
संदिग्ध गतिविधियों का अड्डा
रिहायशी इलाकों में संचालित इन होटलों में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें भी आम हो गई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन होटलों में अनैतिक गतिविधियां चल रही हैं, जिससे क्षेत्र की शांति भंग हो रही है। कुछ निवासियों ने बताया कि होटलों में आने-जाने वाले लोगों की पहचान तक नहीं की जाती, जिससे सुरक्षा का सवाल और गंभीर हो गया है।
महिला सुरक्षा संगठनों ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई है। सामाजिक कार्यकर्ता अनीता वर्मा ने कहा, “रिहायशी इलाकों में इस तरह के होटलों का संचालन न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।”
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