
RBI अगस्त में फिर से 25 बेसिस पॉइंट की दर में कटौती कर सकता है, रेपो रेट 5.25% तक आ सकता है: रिपोर्ट
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अगस्त 2025 में होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती करने की संभावना है। इससे रेपो रेट 5.50% से घटकर 5.25% हो सकता है। यह अनुमान आईसीआईसीआई बैंक की एक हालिया रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें कम मुद्रास्फीति और शहरी मांग में कमी का हवाला दिया गया है।
आर्थिक परिदृश्य और कटौती का आधार
रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति 3.16% के निचले स्तर पर रही, जो आरबीआई के 4% के मध्यम अवधि के लक्ष्य से नीचे है। खाद्य कीमतों में कमी और शहरी क्षेत्रों में मांग की कमजोरी ने आरबीआई को आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए दरों में कटौती का अवसर प्रदान किया है। वैश्विक व्यापार तनाव और अनिश्चितताएं भी इस फैसले को प्रभावित कर सकती हैं।

उधारकर्ताओं के लिए राहत
रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती से बैंकों की उधार दरें कम होने की उम्मीद है, जिसका सीधा लाभ होम लोन, व्यक्तिगत ऋण और वाहन ऋण लेने वालों को होगा। बाहरी बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR) से जुड़े ऋणों की मासिक किस्त (EMI) में कमी आएगी, जिससे उधारकर्ताओं को राहत मिलेगी।
निवेशकों और जमाकर्ताओं पर प्रभाव
हालांकि, यह दर कटौती सावधि जमा (FD) और अन्य बचत योजनाओं पर रिटर्न को प्रभावित कर सकती है। बैंकों द्वारा उधार दरों में कमी के साथ, FD की ब्याज दरें भी कम हो सकती हैं, जिससे जमाकर्ताओं और रूढ़िगत निवेशकों को कम रिटर्न मिल सकता है। निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने की सलाह दी जा रही है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषकों का मानना है कि अगस्त 2025 में यह कटौती मौद्रिक नीति को और अधिक उदार बनाने की दिशा में एक कदम हो सकता है। हालांकि, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं, जैसे अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव, भविष्य में दर कटौती के निर्णयों को प्रभावित कर सकते हैं। आरबीआई का अगला कदम मुद्रास्फीति और विकास के बीच संतुलन बनाए रखने पर निर्भर करेगा।
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