
Chhattisgarh: नशीले इंजेक्शन के अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़, झारखंड का बड़ा सप्लायर गिरफ्तार
सरगुजा में आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई
सरगुजा। नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम ने झारखंड से संचालित नशीले इंजेक्शन के अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में झारखंड के कुख्यात नशीले इंजेक्शन सप्लायर रंजीत विश्वकर्मा समेत उसके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया गया है।
7.50 लाख रुपये के 1500 नशीले इंजेक्शन जब्त
आबकारी टीम ने आरोपियों के कब्जे से करीब 1500 नग नशीले इंजेक्शन बरामद किए हैं, जिनकी बाजार कीमत लगभग 7.50 लाख रुपये आंकी गई है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पहले गिरफ्तार आरोपियों से खुला पूरा नेटवर्क
दरअसल, 30 जनवरी 2026 को संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम ने झारखंड के गोदरमाना निवासी अनूप गुप्ता और सरगुजा जिले के बतौली निवासी विनय गुप्ता को गिरफ्तार किया था। इनके पास से करीब 1200 नग नशीले इंजेक्शन (कीमत लगभग 6 लाख रुपये) बरामद किए गए थे।
पूछताछ में झारखंड कनेक्शन का खुलासा
प्रारंभिक पूछताछ में अनूप गुप्ता ने खुलासा किया कि वह नशीले इंजेक्शन की सप्लाई झारखंड के गढ़वा जिले के रंजीत विश्वकर्मा से लेता था। उसने बताया कि रंजीत के साथ मंजूर अंसारी और प्रमोद कुमार भी इस अवैध नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।
साइबर सेल की मदद से लोकेशन ट्रेस
इस अहम जानकारी के बाद सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने सरगुजा रेंज के डीआईजी राजेश अग्रवाल से संपर्क कर साइबर सेल की सहायता ली। तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपियों की मोबाइल लोकेशन ट्रेस की गई।
रामानुजगंज में दबिश, तीनों आरोपी गिरफ्तार
31 जनवरी 2026 की शाम आबकारी उड़नदस्ता और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने रामानुजगंज के पलटन घाट क्षेत्र में दबिश दी, जहां से रंजीत विश्वकर्मा, मंजूर अंसारी और प्रमोद कुमार को एक साथ गिरफ्तार कर लिया गया।
NDPS एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
गिरफ्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(सी) और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही, पहले गिरफ्तार आरोपियों के प्रकरण में भी इन्हें सह-आरोपी बनाया गया है।
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