
Raipur विधायक डिजिटल ठगी का शिकार
रायपुर दक्षिण के विधायक सुनील सोनी एक बड़े साइबर ठगी प्रयास का शिकार होने से बाल-बाल बचे। 19 नवंबर की शाम उनके फोन पर लगातार अज्ञात नंबरों से कॉल आए। कॉल रिसीव करते ही सामने वाले ने खुद को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का अधिकारी बताया और विधायक को डिजिटल रूप से गिरफ्तार (Digital Arrest) किए जाने की बात कहकर धमकाना शुरू कर दिया।

फर्जी अधिकारी ने पहलगाम आतंकी हमले से जोड़कर डराया
ठग ने बातचीत के दौरान दावा किया कि विधायक का नाम पहलगाम आतंकवादी हमले से जुड़ा हुआ है। इस बहाने उसने कहा कि उन्हें तुरंत दिल्ली तलब किया जाएगा और इसकी जांच चल रही है। कॉलर का लहजा लगातार धमकी भरा था, जिससे मामला गंभीर लगने लगा।
5 मिनट तक जारी रहा मानसिक दबाव
ठग ने करीब 5 मिनट तक विधायक को धमकाया, पूछताछ का नाटक किया और वीडियो कॉल पर आने के लिए भी दबाव बनाया। यह पूरा तरीका वही था जो साइबर अपराधी डिजिटल अरेस्ट के मामलों में अपनाते हैं—जहां पीड़ित को मानसिक रूप से डराकर उसके फोन और समय को अपने नियंत्रण में रखा जाता है।
समय रहते विधायक सचेत हुए
सौभाग्य से, सुनील सोनी मामले की गंभीरता समझ गए और तुरंत कॉल काट दिया। इसके बाद उन्होंने पूरी घटना संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट की।
साइबर ठगों का नया तरीका—‘डिजिटल अरेस्ट’
हाल के महीनों में देशभर में डिजिटल अरेस्ट के मामले तेजी से बढ़े हैं। इसमें ठग खुद को सरकारी अधिकारी बताकर—
•घोटाले
•आतंकवादी हमले
•बैंकिंग धोखाधड़ी
जैसे गंभीर मुद्दों से पीड़ित को जोड़ते हैं और फिर उनसे पैसे या जानकारी हथियाने की कोशिश करते हैं।
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