
RAIPUR शिकायत पर शिकायत, पर सुनवाई नहीं! GIS सर्वे में गड़बड़ी से दोगुना बढ़ा संपत्तिकर
रायपुर: रायपुर नगर निगम द्वारा वसूल किए जा रहे संपत्तिकर में भारी गड़बड़ी सामने आ रही है। GIS सर्वे के आधार पर लोगों के मकान का क्षेत्रफल गलत दर्शाया जा रहा है, जिससे कई मतदाता अधिक संपत्तिकर भरने को मजबूर हो रहे हैं।

GIS सर्वे की गलतियां और शिकायतों का पहाड़
कई मकानों का क्षेत्रफल, खासकर दो-तीन मंजिला घरों का, तीनों मंजिलों का एक जैसा दिखाया गया है, जिससे संपत्तिकर भी दोगुना वसूला जा रहा है।
शिकायत के बावजूद नगर निगम के राजस्व विभाग के अधिकारी सुनवाई से कन्नी काट रहे हैं। लोग निगम मुख्यालय और जोन कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सुधार नहीं हो पा रहा।
विरोध और विवाद का इतिहास
- जब GIS सर्वे हुआ था, तब लोगों ने आपत्ति जताई थी। कई मकानों का क्षेत्रफल गलत दर्ज किया गया था, जैसे 1000 वर्गफीट का मकान दो हजार वर्गफीट दिखाया गया।
- इस विरोध के चलते वार्ड के पार्षदों ने भी GIS सर्वे का विरोध किया था। अंततः तत्कालीन मंत्री के निर्देश पर सर्वे में सुधार किया गया।
- वास्तविक उदाहरण: 500 वर्गफीट मकान को 1800 वर्गफीट दिखाया गया चौरसिया कॉलोनी के कृष्णा होम्स के एसआर साहू के 500 वर्गफीट प्लॉट का डिमांड नोट 1800 वर्गफीट क्षेत्रफल दिखाता है।
- बैरन बाजार के मोहम्मद सागीर का 1000 वर्गफीट मकान 2500 वर्गफीट दिखाया गया है। उन्होंने एक वर्ष से सुधार के लिए विभागों के चक्कर लगाए, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ।

विभाग की प्रतिक्रिया और आश्वासन
छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा है कि संपत्तिकर से जुड़ी शिकायतों का शीघ्रता से समाधान किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे ताकि लोगों को कोई परेशानी न हो।
यह मामला रायपुर नगर निगम में संपत्तिकर वसूली व्यवस्था में गंभीर सुस्ती और गड़बड़ी को उजागर करता है, जिससे आम नागरिकों का आर्थिक भार बढ़ रहा है।
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