
Raipur की चंचल साहू की मौत, संदिग्ध आत्महत्या से जुड़ रही कड़ियां
गरियाबंद में युवती की सड़ी-गली लाश मिलने से सनसनी
गरियाबंद जिले के राजिम थाना क्षेत्र अंतर्गत श्यामनगर-देवरी मार्ग स्थित नहर किनारे मिली 25 वर्षीय चंचल साहू की सड़ी-गली लाश के मामले में जांच अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस घटना को श्यामनगर के ग्राम धूमा निवासी 28 वर्षीय सुमन नागरची की संदिग्ध मौत से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि पुलिस ने अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है।
पेड़ से लटका मिला युवक का शव
जानकारी के अनुसार 2 फरवरी 2026 की सुबह धूमा गांव में सुमन नागरची का शव उसके घर की बाड़ी में पेड़ से फांसी के फंदे पर लटका मिला। परिजनों ने बताया कि 1 फरवरी की देर रात तक वह सामान्य रूप से घर में मौजूद था। सुबह घर में नहीं दिखने पर तलाश की गई, जिसके बाद शव बरामद हुआ। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

पत्नी से अलग रह रहा था, रायपुर में करता था ड्राइविंग
सुमन शादीशुदा था, लेकिन पत्नी के अलग हो जाने के बाद वह रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र स्थित संतोषी नगर में अपने मामा के घर रहकर पिकअप वाहन चलाने का काम करता था। परिजनों के मुताबिक वह सामान्य व्यवहार कर रहा था और किसी मानसिक तनाव की जानकारी उन्हें नहीं थी।
30 जनवरी से लापता थी चंचल
इधर, टिकरापारा निवासी चंचल साहू 30 जनवरी से लापता थी। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में उसका शव गरियाबंद जिले के राजिम थाना क्षेत्र में नहर किनारे झाड़ियों में मिला। शव की हालत अत्यंत खराब थी, जिससे आशंका जताई जा रही है कि मौत कई दिन पहले हो चुकी थी।
प्रेम संबंध की चर्चा, पुलिस जांच में जुटी
स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि चंचल और सुमन के बीच प्रेम संबंध थे। बताया जा रहा है कि दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे और पास-पड़ोस में रहते थे। हालांकि पुलिस ने प्रेम प्रसंग की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इसी एंगल से जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
हत्या या आत्महत्या? कई सवाल बरकरार
घटनाक्रम को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि सुमन ने पहले चंचल की हत्या की और बाद में आत्महत्या कर ली। हालांकि पुलिस का कहना है कि यह केवल एक संभावना है। युवती की मौत हत्या है या आत्महत्या, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगा।
डॉग स्क्वॉड और साइबर टीम जांच में शामिल
मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वॉड, क्राइम ब्रांच और साइबर सेल की टीम को जांच में लगाया गया है। दोनों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल लोकेशन और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है, ताकि 30 जनवरी के बाद की घटनाओं की कड़ी जोड़ी जा सके।
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