
Raipur:बुजुर्ग महिला का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र, बहू पर लगाए गंभीर आरोप, एमपी के समय जारी हुआ था सर्टिफिकेट
रायपुर, 3 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि वह जीवित है। इस मामले में बुजुर्ग महिला ने अपनी बहू पर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने का गंभीर आरोप लगाया है। हैरानी की बात यह है कि यह फर्जी प्रमाण पत्र मध्य प्रदेश में उस समय जारी किया गया था, जब महिला जीवित थी और सामान्य जीवन जी रही थी।

फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र का खुलासा
कोरबा के बिलाई गांव निवासी 70 वर्षीय शांति बाई ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई। शांति बाई का दावा है कि उनकी बहू, रजनी तिवारी, ने संपत्ति हड़पने के लिए उनके नाम से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाया। यह प्रमाण पत्र मध्य प्रदेश के ग्वालियर नगर निगम से 2024 में जारी किया गया था। शांति बाई ने बताया कि उन्हें इस फर्जीवाड़े की जानकारी तब हुई, जब उनकी सरकारी योजनाओं की सुविधाएं, जैसे पेंशन और राशन कार्ड, अचानक बंद हो गए।
बहू पर संपत्ति हड़पने का आरोप
शांति बाई ने अपनी शिकायत में कहा, “मेरी बहू ने मेरे जीवित होने के बावजूद मुझे मृत दिखाकर मेरी जमीन और संपत्ति अपने नाम कराने की साजिश रची।” उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बहू ने उनके बेटे के साथ मिलकर मध्य प्रदेश के अधिकारियों से सांठगांठ कर यह फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया। शांति बाई का आरोप है कि इस धोखाधड़ी के पीछे उनकी पुश्तैनी जमीन पर कब्जा करने की मंशा थी, जिसका बाजार मूल्य लाखों रुपये है।
मध्य प्रदेश से कैसे बना सर्टिफिकेट?
जांच में पता चला कि ग्वालियर नगर निगम के बाल भवन में मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। सूत्रों के अनुसार, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर यह प्रमाण पत्र जारी किया गया। इस मामले में ग्वालियर के अधिकारियों ने बताया कि वे इसकी जांच कर रहे हैं और यदि सांठगांठ की पुष्टि हुई, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने शुरू की जांच
शांति बाई की शिकायत के बाद कोरबा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में बहू रजनी तिवारी और अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही, मध्य प्रदेश के ग्वालियर नगर निगम से भी दस्तावेजों की जांच के लिए संपर्क किया गया है। पुलिस का कहना है कि यदि फर्जीवाड़ा सिद्ध हुआ, तो धारा 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई होगी।
सामाजिक और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल
इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन प्रणाली में पारदर्शिता की कमी और सत्यापन प्रक्रिया में लापरवाही के कारण इस तरह के फर्जीवाड़े बढ़ रहे हैं। शांति बाई का मामला उन कई मामलों में से एक है, जहां जीवित लोगों को मृत घोषित कर उनकी संपत्ति हड़पने की कोशिश की गई।
बुजुर्ग महिला की मांग
शांति बाई ने प्रशासन से मांग की है कि उनके रिकॉर्ड को तुरंत ठीक किया जाए और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने कहा, “मैं जीवित हूं, फिर भी मुझे कागजों में मृत बता दिया गया। यह मेरे साथ अन्याय है। मैं चाहती हूं कि मेरी संपत्ति मुझे वापस मिले और दोषियों को सजा हो।”
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



