
Raipur में दो गांजा तस्करों को 10-10 साल की सजा
राजधानी रायपुर की सिविल लाइन थाना क्षेत्र में नशीले पदार्थों की तस्करी के एक महत्वपूर्ण मामले में एनडीपीएस कोर्ट ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई है। आरोपी रिचिक अग्रहरि और मनोज अग्रहरि (उत्तर प्रदेश निवासी) को 10-10 साल का कठोर कारावास और 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह फैसला स्पेशल जज शैलेश शर्मा ने 12 फरवरी 2026 को सुनाया।

2021 में 14 किलो गांजे के साथ हुई थी गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021 में सिविल लाइन थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को 14 किलो गांजे के साथ गिरफ्तार किया था। उस समय एनडीपीएस अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस की गुप्त निगरानी और लगातार जांच के बाद दोनों को पकड़ा गया था। दोनों आरोपी लंबे समय से गांजा तस्करी में संलिप्त थे।
मुकदमे में 11 गवाहों की गवाही, सबूतों पर आधारित फैसला
मुकदमे की सुनवाई के दौरान कुल 11 गवाहों की गवाही दर्ज की गई। गवाहों ने आरोपियों की तस्करी में संलिप्तता की पुष्टि की। अदालत ने गवाहों के बयानों, जब्त माल और अन्य सबूतों के आधार पर दोनों को दोषी ठहराया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत गांजा की तस्करी और अवैध संग्रहण गंभीर अपराध है, जिसे किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जा सकता।
अदालत और पुलिस का सख्त संदेश: नशे के खिलाफ कोई समझौता नहीं
एनडीपीएस कोर्ट ने फैसले में कहा कि नशीले पदार्थों की तस्करी समाज के लिए घातक है और इसे रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई जरूरी है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने बताया कि यह सफल मुकदमेबाजी राजधानी में नशीले पदार्थों की तस्करी पर सख्त संदेश देती है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शहर में तस्करी रोकने के लिए निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं। जुर्माने की राशि को भविष्य के तस्करों के लिए चेतावनी के रूप में तय किया गया है।
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