
Raiur में डीजल-पेट्रोल की अवैध बिक्री का बड़ा खुलासा: 43 Lakh का कारोबार, 5 गिरफ्तार
रायपुर, 3 अक्टूबर 2025 छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने एक बड़े अवैध ईंधन कारोबार का पर्दाफाश किया है। विधानसभा थाना पुलिस ने गुरुवार को एक छापेमारी के दौरान 43 लाख रुपये के डीजल और पेट्रोल की अवैध मार्केटिंग का जाल उजागर किया। इस कारोबार में शामिल 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुख्य आरोपी राज पटेल भी शामिल है। पुलिस ने मौके से नकली ईंधन के नमूने जब्त किए हैं और गुणवत्ता जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेज दिया है। यह कार्रवाई आम जनता को मिलने वाले शुद्ध ईंधन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

छापेमारी की पूरी कहानी
जानकारी के अनुसार, विधानसभा थाना प्रभारी रवि कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रायपुर के डोरनयार इलाके में एक गोदाम में बड़े पैमाने पर नकली डीजल और पेट्रोल का स्टॉक किया जा रहा है। इस गोदाम का संचालन मुख्य आरोपी राज पटेल कर रहा था, जो दिल्ली से जुड़े बड़े नेटवर्क का हिस्सा बताया जा रहा है। राज पटेल ने अपने साथियों के साथ मिलकर बाजार से सस्ते में पुराना या मिलावटी ईंधन खरीदकर उसे फिर से पैकेजिंग कर स्थानीय पेट्रोल पंपों और डीजल डिपो को ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा था।
पुलिस टीम ने गुरुवार सुबह करीब 5 बजे डोरनयार स्थित गोदाम पर धावा बोल दिया। छापेमारी के दौरान आरोपी भागने की कोशिश में थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें घेर लिया। मौके से 5 ड्रम डीजल (कुल 2,500 लीटर) और 3 ड्रम पेट्रोल (कुल 1,500 लीटर) जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 43 लाख रुपये बताई जा जा रही है। इसके अलावा, 10 नकली बैरल, पैकेजिंग मशीन और फर्जी लेबल प्रिंटिंग उपकरण भी बरामद हुए। पुलिस ने गोदाम के अंदर मिले रिकॉर्ड से पता लगाया कि यह कारोबार पिछले 6 महीनों से फल-फूल रहा था, जिसमें मासिक टर्नओवर करीब 7-8 लाख रुपये का था।

गिरफ्तार आरोपियों का ब्योरा
गिरफ्तार 5 लोगों में शामिल हैं:
- राज पटेल (मुख्य आरोपी, 42 वर्ष): दिल्ली मूल का यह कारोबारी छत्तीसगढ़ में पिछले दो साल से सक्रिय था। उसके पास से 2.5 लाख रुपये नकद और एक लग्जरी
- कार भी जब्त की गई।द्वारका राम (38 वर्ष): गोदाम का मैनेजर, जो ईंधन की मिलावट का काम संभालता था। उसके पास से मिलावटी रसायनों की बोतलें बरामद हुईं।
- शरब कलिमुद्दीन (35 वर्ष): सप्लाई चेन का लिंक, जो दिल्ली से कच्चा माल लाता था।
- शोलेंद्र कुमार (30 वर्ष): स्थानीय वितरक, जो पेट्रोल पंप मालिकों से संपर्क करता था।
- विजय बिहारी (28 वर्ष): ड्राइवर, जो ईंधन की डिलीवरी करता था।
- ये सभी आरोपी स्थानीय निवासी हैं और नकली ईंधन बेचकर मासिक 50-60 हजार रुपये की कमाई कर रहे थे। पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि वे बाजार में उपलब्ध सस्ते लुब्रिकेंट्स और केमिकल्स मिलाकर डीजल तैयार करते थे, जो वाहनों के इंजन को नुकसान पहुंचा सकता है।
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