
Raipur में बैंक अधिकारियों की बैठक: Cyber ठगी से बचाव के लिए अहम दिशा-निर्देश
रायपुर पुलिस ने साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए मंगलवार को शहर के तमाम प्रमुख बैंकों के अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक का आयोजन किया। इस बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रशांत अग्रवाल और सिटी एसपी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और बैंकिंग सेक्टर में सतर्कता बढ़ाने के लिए रणनीति बनाना था।

बैठक की मुख्य बातें
- अकाउंट ओपनिंग में वेरिफिकेशन: एसएसपी ने निर्देशित किया कि बैंकिंग सिस्टम में बार-बार नया खाता खोलने वालों पर विशेष निगरानी रखी जाए। साथ ही, प्रत्येक डिमांड ड्राफ्ट (DD) और बड़े लेन-देन को सावधानीपूर्वक वेरिफाई किया जाए।
- फर्जी दस्तावेज़ों की पड़ताल: बैंक अधिकारियों को सलाह दी गई कि खाताधारकों के दस्तावेज़ों की दोहरी जांच (डबल वेरिफिकेशन) अनिवार्य रूप से करें और संदिग्ध पते तथा फ़ोन नंबर पर विशेष ध्यान दें।
- मिलकर कार्रवाई: पुलिस और बैंक अधिकारियों के बीच त्वरित कम्युनिकेशन के लिए एक वॉट्सएप समूह का गठन किया गया, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी दी जा सके।
- जन-जागरूकता अभियान: बैंकों को निर्देशित किया गया कि वे अपने सभी ग्राहकों को साइबर ठगी से बचाव के तरीके SMS, पोस्टर और डिजिटल माध्यमों से अवश्य बताएं।
- संदिग्ध लेन-देन पर रिपोर्टिंग: किसी भी चौंकाने वाले या अनियमित ट्रांजैक्शन की तुरंत रिपोर्ट नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम सेल को देने के निर्देश दिए गए।

साइबर ठगी से बचने के लिए सुझाव
- कभी भी किसी अनजान नंबर या लिंक पर बैंकिंग डिटेल्स साझा न करें।
- बैंक स्टाफ का नाम, आईडी और अन्य जानकारी की पुष्टि करें।
- संदिग्ध फोन कॉल, ईमेल या मैसेज की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
- अपने खाते की गतिविधियों पर समय-समय पर नजर रखें।
- यदि कोई बार-बार खाता खुलवाने का प्रयास कर रहा है, तो इसकी जानकारी बैंक प्रबंधन व पुलिस को दें।
रायपुर पुलिस और बैंक अधिकारियों की इस संयुक्त बैठक से नागरिकों की सुरक्षा को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। बैंक ग्राहकों को भी सतर्कता बरतना जरूरी है ताकि साइबर अपराधियों से बचा जा सके।
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