
Raipur: फर्जी MBBS डिग्री और पोस्ट ऑफिस नौकरी के झांसे में 52 लोगों से 2.34 करोड़ की ठगी
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सरकारी नौकरी और डॉक्टर बनने के सपने दिखाकर लोगों को ठगने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। रायपुर कमिश्नरेट के सेंट्रल जोन पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने 52 अभ्यर्थियों से कुल 2 करोड़ 34 लाख रुपये की ठगी की। गिरोह ने फर्जी एमबीबीएस डिग्री बनाकर और पोस्ट ऑफिस में पोस्टमैन-पोस्टमास्टर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर यह धोखाधड़ी की।
मास्टरमाइंड दसवीं पास, फर्जी डॉक्टर बनकर ठगता था
गिरोह का मुख्य आरोपी नरेश मनहर (24 वर्ष, दसवीं पास) है, जो खुद को दिल्ली पोस्ट ऑफिस का डायरेक्टर बताता था। वह ग्राम ताल देवरी (जांजगीर-चांपा) का मूल निवासी है और वर्तमान में पंडरी, रायपुर में रहता था। उसके साथी भुवनेश्वर बंजारे (26), राकेश रात्रे (32) और हीरा दिवाकर (31) भी गिरफ्तार किए गए हैं।
नरेश मनहर ने फर्जी एमबीबीएस डिग्री तैयार की थी। उसके पास डीवाई पाटिल यूनिवर्सिटी की फर्जी एमबीबीएस डिग्री की सॉफ्ट कॉपी मिली। जांच में उसके बैंक खाते में डॉ. सुप्रिया पाठक के अकाउंट से 40 लाख रुपये का लेनदेन भी दर्ज हुआ। गिरोह ने फर्जी संस्थान भी चलाए जैसे गुड लक माइक्रोफाइनेंस बैंक, गुड लक हेल्थ सर्विस और गुड लक फूड सर्विस।

कैसे की ठगी: फर्जी नियुक्ति पत्र बांटे
गिरोह ने 52 आवेदकों को फर्जी नियुक्ति पत्र भेजे और उन्हें पोस्ट ऑफिस में नौकरी या एमबीबीएस डिग्री के आधार पर डॉक्टर बनाने का भरोसा दिलाया। पैसे इकट्ठा करने, दस्तावेज जुटाने और फर्जी पत्र प्रिंट करने का काम सदस्यों में बांटा गया था।
मामले की शुरुआत तब हुई जब पीड़ित संजय निराला ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें पोस्ट ऑफिस में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा गया। शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाने ने नरेश मनहर और साथियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया।
जब्त सामान: मोबाइल से कार तक
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई महत्वपूर्ण सामान जब्त किए:
- 5 मोबाइल फोन
- 2 लैपटॉप
- कलर प्रिंटर
- नोट गिनने की मशीन
- कंप्यूटर सेटअप
- फर्जी पोस्ट ऑफिस नियुक्ति पत्र
- फर्जी सील और दस्तावेज
- बैंक चेकबुक, पासबुक
- एक मारुति सुजुकी बलेनो कार
पुलिस जांच जारी, अन्य पीड़ितों की तलाश
डीसीपी सेंट्रल जोन उमेश गुप्ता ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। विवेचना जारी है और अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान की जा रही है।
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