
Raipur: डॉ. आंबेडकर अस्पताल में कैंसर मरीजों का इलाज ठप, दवाओं की कमी से मरीज परेशान
रायपुर, 17 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, डॉ. भीमराव आंबेडकर मेमोरियल अस्पताल में कैंसर मरीजों का इलाज पिछले दो महीनों से ठप पड़ा है। इसका मुख्य कारण छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉरपोरेशन (सीजीएमएससी) द्वारा दवा खरीद के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी न करना है। दवाओं की सप्लाई बंद होने से मरीजों को मजबूरी में बाजार से महंगी दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं, जिससे उनकी आर्थिक और मानसिक परेशानी बढ़ गई है।

कैंसर विभाग में इन दवाओं की कमी
अस्पताल के कैंसर विभाग में कई महत्वपूर्ण और जीवनरक्षक दवाओं की भारी कमी देखी जा रही है। इनमें डोसेटैक्सेल, पैक्लिटैक्सेल, कार्बोप्लाटिन, लेनालिडोमाइड, थैलिडोमाइड, गेफिटिनिब, एरलोटिनिब, ईटोपोसाइड और ब्लेमाइसिन जैसी दवाएं शामिल हैं। ये दवाएं कीमोथेरेपी और लक्षित चिकित्सा (टारगेटेड थेरेपी) के लिए अनिवार्य हैं। इनके अभाव में मरीजों का इलाज अधूरा रह रहा है, जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का खतरा और बढ़ रहा है।
मरीजों पर पड़ रहा आर्थिक बोझ
दवाओं की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर्स से दवाएं खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। ये दवाएं बाजार में काफी महंगी हैं, जिसके कारण गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। एक मरीज ने बताया, “हमारे लिए सरकारी अस्पताल ही एकमात्र सहारा था, लेकिन अब हमें हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। यह हमारे लिए बहुत मुश्किल है।”
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