
रायपुर Airport विस्तार: किसानों के मुआवजे में 13 साल बाद बड़ा इजाफा, High Court ने बढ़ाई कीमत
रायपुर, 3 सितंबर 2025 — छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रायपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए अधिग्रहीत किसानों के मुआवजे को बढ़ाने का अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने किसानों को प्रति हेक्टेयर 17 लाख की बजाय 25 लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है, साथ ही अधिग्रहण की तारीख से ब्याज, 12 प्रतिशत वार्षिक अतिरिक्त राशि और 30 प्रतिशत क्षतिपूर्ति भी सुनिश्चित की है। यह फैसला करीब तेरह साल पुरानी जमीन अधिग्रहण विवाद का विराम है।

अधिग्रहण और विवाद की पृष्ठभूमि
2011 में राज्य सरकार ने नया रायपुर में एयरपोर्ट विस्तार के लिए बरौद समेत आसपास के गांवों की करीब 95 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहीत की थी। उस समय किसानों को 17 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर (असिंचित) और 18.25 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर (सिंचित) का मुआवजा दिया गया था। किसानों ने इसे कम मानते हुए अतिरिक्त मुआवजा मांगा, लेकिन उनकी मांग 2019 में संबंधित विभाग द्वारा खारिज कर दी गई। इसके बाद कुछ किसानों ने 2020 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
किसानों की दलीलें और कोर्ट का संज्ञान
किसानों ने अदालत में दलील दी कि उनकी जमीन सिंचित है एवं हाईवे से सटी हुई है, इसलिए इसकी कीमत और अधिक होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि अधिग्रहण से पूर्व ही एनआरडीए ने उसी इलाके की जमीन 35 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से खरीदी थी। कोर्ट ने माना कि ऐसे में किसानों को कम मुआवजा देना अनुचित होगा।

कोर्ट का आदेश और प्रभाव
डिवीजन बेंच की न्यायमंडल जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस एके प्रसाद ने सभी अपीलें स्वीकार करते हुए 25 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर मुआवजे का आदेश दिया। किसान छह माह के भीतर अतिरिक्त ब्याज, क्षतिपूर्ति और बकाया राशि प्राप्त कर सकेंगे।
यह निर्णय राज्यों में जमीन अधिग्रहण की पारदर्शिता और न्यायपूर्ण मुआवजा प्रणाली को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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