
Raipur में 822 Crore के फर्जी बिल घोटाले में फरहान सोरिया की गिरफ्तारी
रायपुर, 19 सितंबर 2025: छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले में एक बड़ी आर्थिक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें 26 बोगस फर्मों के जरिए 822 करोड़ रुपये का ई-बिल जनरेट किया गया। जाँच के दौरान पता चला है कि इन फर्मों के माध्यम से 106 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई है। इस मामले में शामिल एक मास्टरमाइंड को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिसकी पहचान फरहान सोरिया के रूप में हुई है।

धोखाधड़ी का खुलासा
रायपुर जिले के जीएसटी विभाग और इंटेलिजेंस नेटवर्क तंत्र की जाँच में यह मामला उजागर हुआ। आरोपियों ने बोगस फर्मों और बोगस बिलों का सहारा लेकर राज्य के बेहतर आर्थिक पंजाब, असम, मणिपुर और ओडिशा जैसे राज्यों में पंजीयन लिया गया। इन पंजीयनों के लिए बोगस दस्तावेज जमा किए गए, जिसके आधार पर बिल जारी किए गए। जाँच में यह भी सामने आया कि इन फर्मों के माध्यम से बोगस सप्लाई बिल और ई-वे बिल जमा किए गए, जिससे कर चोरी की गई।
मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी
पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी फरहान सोरिया को 12 सितंबर को जाँच के बाद गिरफ्तार किया। सोरिया के ऑफिस में 172 फर्मों के बारे में जानकारी मिली, जिसमें फरहान ने अपने 5 ऑफिसरों की मदद से फर्जी पंजीयन कराया। इन पंजीयनों के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और ई-वे बिल जारी किए गए। जाँच में यह भी पता चला कि सोरिया ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

जाँच और कार्रवाई
जीएसटी विभाग ने इस मामले में गहन जाँच शुरू कर दी है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस धोखाधड़ी में शामिल सभी फर्मों की जाँच की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, मास्टरमाइंड सोरिया के ऑफिस से बरामद दस्तावेजों की पड़ताल जारी है। अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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