
Railway Coaching Yard हादसा: ठेका श्रमिक की मौत पर हाईकोर्ट सख्त, रेलवे से मांगा जवाब
29-8-2025 Bilaspur रेलवे कोचिंग यार्ड में वंदे भारत एक्सप्रेस के एक्स्ट्रा कोच की मरम्मत के दौरान करंट लगने से ठेका श्रमिक की मौत के मामले में अब हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने रेलवे प्रबंधन के रवैये पर नाराजगी जताते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के जीएम को तीन दिन में शपथपत्र के साथ जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, 23 अगस्त को जांजगीर-चांपा जिले के मुलमुला निवासी प्रताप बर्मन (ठेका श्रमिक) कोचिंग डिपो में एसी मरम्मत का काम कर रहा था। इस दौरान वह ओएचई तार की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। इलाज के लिए उसे अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां गुरुवार को उसकी मौत हो गई।
रेलवे अधिकारियों ने कोर्ट से छिपाई मौत की जानकारी
हाईकोर्ट ने इस मामले को जनहित याचिका के रूप में संज्ञान में लिया है। सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच ने जीएम और डीआरएम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ा। करीब 15-20 मिनट तक चली सुनवाई में जीएम से कड़े सवाल किए गए। अदालत ने पाया कि रेलवे अधिकारियों ने कर्मचारी की मौत की जानकारी कोर्ट से छिपाई और इलाज व मुआवजे के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
अदालत ने जीएम को आदेश दिया है कि तीन दिन में शपथपत्र दाखिल करें, जिसमें हादसे की पूरी जानकारी, इलाज और मुआवजे का विवरण, तथा ठेकेदार पर की गई कार्रवाई का ब्योरा हो। मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर को होगी।
परिजनों का आक्रोश, डीआरएम ऑफिस के सामने धरना
मृतक प्रताप बर्मन के परिजनों ने मुआवजा, नौकरी और बच्चे की पढ़ाई की जिम्मेदारी की मांग की है। परिजनों ने गुरुवार देर रात से डीआरएम कार्यालय के सामने धरना शुरू कर दिया है और शुक्रवार को शव रखकर प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। पत्नी खुशबू बर्मन ने कहा, “हमारा सब कुछ खत्म हो गया। अब बच्चा और हम कैसे जिएंगे? रेलवे को मुआवजा और नौकरी देनी होगी।”
धरना स्थल पर पामगढ़ की विधायक शेष राज हरवंश भी पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे और ठेकेदार ने गंभीर लापरवाही बरती। उन्होंने कहा कि इलाज का खर्च रेलवे या ठेकेदार को उठाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया, जिसके चलते प्रताप की जान चली गई।

कैसे हुआ हादसा
प्रताप बर्मन वंदे भारत एक्सप्रेस के एक्स्ट्रा कोच में एसी की मरम्मत कर रहा था, तभी वह ओएचई तार की चपेट में आ गया। हादसे के बाद से ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश है।
अब सबकी नजरें 2 सितंबर को होने वाली हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां रेलवे को अपनी लापरवाही का जवाब देना होगा।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



