
Raigarh पुलिस का नशा तस्करों पर शिकंजा: 15 Lakh की संपत्ति SAFEMA कोर्ट से फ्रीज
25 सितंबर 2025
रायगढ़, छत्तीसगढ़: नशा तस्करी के खिलाफ छत्तीसगढ़ पुलिस का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। रायगढ़ जिले की पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जेल में बंद अंतरराज्यीय गांजा तस्कर भागवत साहू की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को SAFEMA (Smugglers and Foreign Exchange Manipulators Forfeiture of Property Act) कोर्ट, मुंबई से फ्रीज करवा लिया है। यह कार्रवाई जिले में अपनी तरह की पहली है, जिसमें गांजा तस्करी से कमाई गई करीब 15 लाख रुपये से अधिक की राशि को फ्रीज किया गया है। आरोपी भागवत साहू, जो ग्राम पिहरीद, थाना सक्ती, जिला सक्ती का निवासी है, अब इस संपत्ति का कोई लेन-देन नहीं कर सकेगा। इस सफलता से पुलिस को नशा तस्करों के आर्थिक आधार को कमजोर करने में बड़ी मदद मिली है।

गिरफ्तारी और रैकेट का पर्दाफाश
यह पूरी घटना अगस्त 2024 से शुरू हुई, जब पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के नेतृत्व में जूटमिल थाना पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय गांजा तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया। मुख्य आरोपी भागवत साहू को गिरफ्तार करते हुए पुलिस ने कुल 9 आरोपियों को पकड़ा। जांच के दौरान 175 किलोग्राम गांजा, 4 चार-पहिया वाहन, 6 मोबाइल फोन और 7,500 रुपये नकद जब्त किए गए, जिनकी कुल कीमत लगभग 72 लाख रुपये आंकी गई। भागवत साहू इस रैकेट का मुख्य सरगना था, जो ओडिशा से गांजा मंगवाकर छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्यों में सप्लाई करता था।b3b9a4 पुलिस के अनुसार, तस्करों का तरीका काफी चालाक था – वे साधारण वाहनों में गांजा छिपाकर ट्रांसपोर्ट करते थे, और सप्लाई चेन में स्थानीय डीलरों को शामिल किया जाता था। यह रैकेट वर्षों से चल रहा था, जिससे स्थानीय युवाओं में नशे की लत बढ़ रही थी।
पुलिस ने बताया कि भागवत साहू पहले भी कई मामलों में शामिल रहा है, और उसकी गिरफ्तारी से पूरे नेटवर्क को झटका लगा। जांच में पता चला कि तस्कर ओडिशा के घने जंगलों से गांजा प्राप्त करते थे, जहां अवैध खेती बड़े पैमाने पर होती है। छत्तीसगढ़ में प्रवेश के बाद इसे छोटे-छोटे पैकेट्स में बांटकर बेचा जाता था। इस रैकेट से जुड़े वाहनों को ट्रैक करने के लिए पुलिस ने आधुनिक तकनीक और इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया।

SAFEMA कोर्ट की कार्रवाई और संपत्ति फ्रीज
जेल में बंद आरोपी की संपत्ति पर शिकंजा कसने के लिए थाना प्रभारी जूटमिल, निरीक्षक प्रशांत राव ने विस्तृत प्रकरण तैयार किया। आरोपी के बैंक लेन-देन, दस्तावेजों और अन्य सबूतों के आधार पर 19 अगस्त 2025 को SAFEMA कोर्ट, मुंबई में मामला पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि भागवत साहू की पत्नी के बैंक खातों में जमा राशि का कोई वैध स्रोत नहीं है, और यह पूरी रकम गांजा तस्करी से कमाई गई थी। इसके आधार पर 15 सितंबर 2025 को कोर्ट ने आदेश जारी कर 15,07,686 रुपये को फ्रीज कर दिया।
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