
Raigarh के छाल में कोल माइंस का विरोध
ग्रामीणों का कोल खदान के खिलाफ विरोध तेज
रायगढ़ जिले के छाल क्षेत्र में प्रस्तावित कोल माइंस परियोजना के खिलाफ स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध तेज कर दिया है। तीन गांवों – छाल, बेलझरिया और सलिहाभांठा – के लोग शुक्रवार रात से ही धरने पर बैठे हुए हैं। ग्रामीणों के साथ स्थानीय विधायक भी आंदोलन में शामिल हैं। सभी ने प्रशासन से जनसुनवाई को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।

पर्यावरण और विस्थापन को लेकर चिंता
ग्रामीणों का कहना है कि प्रस्तावित कोल माइंस से न केवल पर्यावरण को नुकसान होगा, बल्कि उनके गांवों के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है। खेती-किसानी, जलस्रोत और वनक्षेत्र प्रभावित होंगे। ग्रामीणों ने कहा कि बिना उनकी सहमति के खदान की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़नी चाहिए।
विधायक बोले – ग्रामीणों की आवाज दबाई नहीं जा सकती
धरने में शामिल विधायक ने कहा कि सरकार को पहले लोगों की बात सुननी चाहिए। जनसुनवाई केवल औपचारिकता न होकर वास्तविक संवाद का माध्यम बननी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ग्रामीणों की मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए
इधर प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी पक्षों को सुना जाएगा और किसी पर जबरदस्ती नहीं की जाएगी।
ग्रामीणों की एकजुटता बनी आंदोलन की ताकत
धरना स्थल पर ग्रामीणों का जोश देखने लायक है। महिलाएं, किसान और युवा सभी विरोध में एकजुट हैं। उनका कहना है कि यह लड़ाई जमीन और जीवन की रक्षा के लिए है, जिसे अंत तक जारी रखा जाएगा।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



