
रायगढ़ के 6 उद्योगों पर 10 लाख से अधिक का जुर्माना, सुरक्षा मानकों में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में औद्योगिक इकाइयों में लगातार हो रहे हादसों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन और श्रम विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। बीते दिनों हुई जांच में कई उद्योगों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई, जिसके बाद श्रम न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया गया।

जांच में सामने आई गंभीर कमियां
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा जिले की कई फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान कारखाना अधिनियम और भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम के तहत आवश्यक सुरक्षा उपायों का पालन नहीं किए जाने की पुष्टि हुई। इन लापरवाहियों के कारण पहले भी कई मजदूरों की जान जा चुकी है और कई घायल हुए हैं।

श्रम न्यायालय का फैसला
सभी मामलों की सुनवाई के बाद श्रम न्यायालय ने 6 औद्योगिक इकाइयों पर कुल 10 लाख 52 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। यह कार्रवाई श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है।
किन उद्योगों पर कितना जुर्माना
•मेसर्स जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (1 एमपीए स्लैग ग्राइंडिंग यूनिट)
कारखाना अधिनियम के उल्लंघन पर अधिभोगी सब्यसाची बन्योपाध्याय और कारखाना प्रबंधक अमरेश पांडे को 1.50-1.50 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
•मेसर्स नलवा स्पेशल स्टील लिमिटेड
सुरक्षा प्रावधानों की अनदेखी पर अधिभोगी सरदार सिंह राठी और फैक्ट्री प्रबंधक रविन्द्र सिंह चौहान पर 1.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
•मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड
भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम के उल्लंघन पर संचालक विनय कुमार शर्मा और ठेकेदार अजय कुमार दास पर 6-6 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। इसी इकाई में कारखाना अधिनियम के एक अन्य प्रकरण में अधिभोगी विनय कुमार शर्मा और कारखाना प्रबंधक जी.के. मिश्र को 2.80 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
•मेसर्स NRVS स्टील्स लिमिटेड, ग्राम तराईमाल
अधिभोगी व कारखाना प्रबंधक पवन अग्रवाल को 1.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
•मेसर्स NR इस्पात एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड
अधिभोगी व कारखाना प्रबंधक मोहित कुमार मिश्रा को भी 1.60 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
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