
राहुल गांधी के Duplicate voting आरोप पर चुनाव आयोग की कड़ी प्रतिक्रिया
सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi द्वारा लगाए गए डुप्लीकेट वोटिंग और फर्जी मतदाता सूची के आरोपों पर Karnataka और Haryana के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने औपचारिक प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें सबूत पेश करने के लिए कहा है।
हाल ही में राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र (बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट) में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की आंतरिक जांच में सामने आया कि कुल 6.5 लाख वोटों में से एक लाख से अधिक वोट फर्जी या डुप्लीकेट हैं। उनके अनुसार, 11,965 डुप्लीकेट वोटर, 40,009 फर्जी/अवैध पते वाले वोटर, 10,452 ऐसे “बल्क वोटर” जो एक ही पते पर दर्ज हैं, 4,132 अवैध फोटो वाले वोटर और 33,692 ऐसे वोटर हैं जिन्होंने नए पंजीकरण के लिए बने फॉर्म-6 का गलत इस्तेमाल किया।
राहुल गांधी ने अपने आरोपों के समर्थन में एक दस्तावेज भी दिखाया, जिसमें शकुन रानी नाम की मतदाता की दो एंट्री थीं — दोनों में फोटो और नाम की स्पेलिंग थोड़ी अलग थी, लेकिन दोनों पर वोट डालने का निशान था। उन्होंने दावा किया कि यह दस्तावेज चुनाव आयोग के डेटा से लिया गया है और यह उन्हें मतदान अधिकारी ने उपलब्ध कराया था।
इस पर कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर कहा कि प्रारंभिक जांच में शकुन रानी ने बयान दिया कि उन्होंने केवल एक बार वोट डाला है। साथ ही, जो टिक मार्क वाला दस्तावेज राहुल गांधी ने प्रेस में दिखाया था, वह मतदान अधिकारी द्वारा जारी नहीं किया गया था। अधिकारी ने राहुल से कहा कि वे वह सभी दस्तावेज पेश करें, जिनके आधार पर उन्होंने यह निष्कर्ष निकाला कि किसी मतदाता ने दो बार वोट डाला, ताकि विस्तृत जांच की जा सके।

इसी तरह, हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भी राहुल गांधी को पत्र भेजकर उनके आरोपों पर सबूत मांगे। राहुल ने आरोप लगाया था कि हरियाणा की मतदाता सूची में अयोग्य लोगों के नाम जोड़े गए हैं और योग्य मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। हरियाणा CEO ने उनसे कहा है कि वे संबंधित मतदाताओं के नाम और सभी विवरण शपथपत्र के साथ जमा कराएं, जैसा कि ‘पंजीकरण ऑफ इलेक्टर्स रूल, 1960’ के तहत आवश्यक है।

राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर यह भी आरोप लगाया था कि वह बीजेपी के साथ मिलकर “चुनाव चोरी” कर रहा है। उन्होंने महादेवपुरा का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस ने बेंगलुरु सेंट्रल की सात में से छह विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की, लेकिन महादेवपुरा में 1,14,000 वोट “चोरी” किए गए, जिसके कारण कांग्रेस प्रत्याशी मंसूर अली खान को हार का सामना करना पड़ा। इस सीट पर बीजेपी के पीसी मोहन ने 32,707 वोटों से जीत दर्ज की।
अब देखना होगा कि राहुल गांधी चुनाव आयोग को मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध कराते हैं या नहीं, और जांच के बाद इस विवाद का क्या नतीजा निकलता है। फिलहाल, यह मुद्दा कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक टकराव का नया केंद्र बन गया है, जिसमें चुनाव आयोग भी सीधे सवालों के घेरे में है।
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