
PWD sub-engineer परीक्षा में हाईटेक नकल का भंडाफोड़: अंडरगार्मेंट्स में छिपा था स्पाई कैमरा, बहन वॉकी-टॉकी से बता रही थी जवाब
बिलासपुर, 14 जुलाई 2025:
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में PWD सब-इंजीनियर भर्ती परीक्षा के दौरान हाईटेक नकल का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक अभ्यर्थी ने अपने अंडरगार्मेंट्स में स्पाई कैमरा छिपाकर प्रश्न पत्र स्कैन किए, जबकि उसकी बहन बाहर बैठकर वॉकी-टॉकी के जरिए जवाब बता रही थी। NSUI नेताओं ने इस नकल गिरोह को रंगे हाथों पकड़ा, जिसके बाद पुलिस ने दोनों बहनों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
परीक्षा केंद्र में चल रही थी हाईटेक चीटिंग
रविवार को बिलासपुर के रामदुलारे शासकीय स्वामी आत्मानंद स्कूल में PWD असिस्टेंट इंजीनियर के 113 पदों के लिए व्यापम द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा चल रही थी। सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक चली इस परीक्षा में अभ्यर्थी अनुसूर्या ने अंडरगार्मेंट्स में स्पाई कैमरा छिपाया था। वह प्रश्न पत्र को स्कैन कर अपनी बहन अनुराधा को भेज रही थी। बाहर बैठी अनुराधा गूगल सर्च और वॉकी-टॉकी की मदद से जवाब बता रही थी।

ऑटो ड्राइवर की सतर्कता से हुआ खुलासा
नकल का भंडाफोड़ एक ऑटो ड्राइवर की सतर्कता के कारण हुआ। उसने अनुराधा को ऑटो में लैपटॉप पर काम करते और ईयर फोन से बात करते देखा। शक होने पर उसने NSUI नेता विकास ठाकुर को सूचना दी। विकास अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और अनुराधा की जांच की। जांच में लैपटॉप, टैब, माइक्रो ईयर डिवाइस, वायरलेस ट्रांसमीटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बरामद हुए। पूछताछ में अनुराधा ने अपनी बहन को जवाब भेजने की बात कबूल की।

पुलिस ने जब्त किए हाईटेक उपकरण, FIR दर्ज
बिलासपुर पुलिस ने दोनों बहनों को हिरासत में लिया और उनके पास से स्पाई कैमरा, वॉकी-टॉकी, टैबलेट, ब्लूटूथ डिवाइस और मोबाइल फोन जब्त किए। NSUI कार्यकर्ताओं ने अभ्यर्थी और परीक्षा संचालक के खिलाफ FIR की मांग की। सरकंडा थाना पुलिस ने नकल प्रकरण के तहत FIR दर्ज की और मामले की जांच शुरू कर दी है।
कांग्रेस विधायक ने उठाए सवाल
कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ में युवाओं के अधिकारों का हनन हो रहा है। चीट माफिया को सरकारी संरक्षण मिल रहा है, जो बिल्कुल गलत है। इस मुद्दे को विधानसभा में मजबूती से उठाएंगे।” उन्होंने सरकार से इस मामले की गहन जांच की मांग की।

‘जीरो टॉलरेंस नीति’ पर जोर
व्यापम और जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ अपनाई गई है। भविष्य में ऐसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
संगठित नकल का प्रयास
पुलिस और व्यापम अधिकारियों के अनुसार, यह एक संगठित इलेक्ट्रॉनिक नकल का प्रयास था। अनुराधा के पास से बरामद उपकरणों से साफ है कि यह सुनियोजित तरीके से किया गया। प्रशासन ने नकल प्रकरण तैयार कर व्यापम को भेजा है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़
NSUI नेताओं और स्थानीय लोगों ने इस घटना पर गहरा रोष जताया। उनका कहना है कि ऐसी घटनाएं मेहनती और ईमानदार अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। इस मामले ने छत्तीसगढ़ में भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं
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