
Balod में ‘पुष्पा’ स्टाइल तस्करी: जंगलों से सागौन चोरी कर नदी में बहाया, वन विभाग ने जब्त किया लाखों का माल
बालोद | फिल्म ‘पुष्पा’ का वह सीन तो आपको याद ही होगा, जिसमें चंदन की लकड़ियों को नदी में बहाकर तस्करी की जाती है। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में लकड़ी तस्करों ने ठीक इसी फिल्मी स्टाइल में सागौन की तस्करी का ब्लूप्रिंट तैयार किया था। हालांकि, उनकी यह ‘पुष्पा गिरी’ वन विभाग की मुस्तैदी के आगे फेल हो गई। वन विभाग ने तांदुला नदी से सागौन के 21 भारी-भरकम गोलों को बहते हुए बरामद कर जब्त किया है।
कैसे रची गई थी तस्करी की साजिश?
तस्करों की योजना बेहद शातिराना थी। वन क्षेत्र हर्रा-ठेमा में जंगलों से सागौन के कीमती पेड़ों की अवैध कटाई की गई। जंगल के रास्ते लकड़ी ले जाने पर पकड़े जाने का डर था, इसलिए तस्करों ने लकड़ी के बड़े-बड़े लट्ठे तैयार किए और उन्हें तांदुला नदी में बहा दिया। उनका इरादा था कि नदी के बहाव के साथ ये लकड़ियाँ सुरक्षित बालोद तक पहुँच जाएंगी, जहाँ से उन्हें ठिकाने लगाया जाना था।

विभागीय मिलीभगत की भी आशंका
वन विभाग ने लकड़ी जब्त कर अज्ञात तस्करों के खिलाफ मामला तो दर्ज कर लिया है, लेकिन इस कार्रवाई ने विभाग के भीतर भी हड़कंप मचा दिया है। चर्चा है कि बिना किसी विभागीय साठगांठ के इतनी बड़ी मात्रा में पेड़ों की कटाई और उन्हें नदी में बहाना मुमकिन नहीं है। पूर्व में भी जिले के वन अधिकारियों पर पद के दुरुपयोग के आरोप लगते रहे हैं।
DFO का बयान
पूरे मामले पर बालोद डीएफओ (DFO) अभिषेक अग्रवाल ने बताया:”तांदुला नदी से बहकर आए सागौन के 21 गोले जब्त किए गए हैं। यह एक गंभीर मामला है। हमने आसपास के सभी बीटों में सघन जांच (Search Operation) के आदेश दिए हैं। दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।” फिलहाल वन विभाग की टीमें जंगल के उन हिस्सों की तलाश कर रही हैं, जहाँ से इन पेड़ों को काटा गया है। इस कार्रवाई से तस्करों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
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