
“Project जिंदगी मुस्कुराएगी” : जन्मजात विकृति का हुआ सफल इलाज
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिला प्रशासन रायपुर द्वारा चलाई जा रही अभिनव पहल “प्रोजेक्ट जिंदगी मुस्कुराएगी” जरूरतमंद बच्चों के लिए नई उम्मीद बन रही है। इस परियोजना के तहत अब तक कई बच्चों का निःशुल्क इलाज किया गया है, जिनमें से एक हैं गुढ़ियारी निवासी 13 वर्षीय फेमिन बाई, जिनकी नाक की जन्मजात विकृति (ब्लाइंडर सिंड्रोम) का सफल उपचार हुआ है।
निःशुल्क उपचार से लौटी जिंदगी में रौनक
इस प्रोजेक्ट को कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन रायपुर, प्लास्टिक सर्जन डॉ. सुनील कालड़ा और भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी के संयुक्त सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के उन बच्चों को चिकित्सा सहायता प्रदान करना है, जो कटे-फटे होंठ, तालू या जन्मजात विकृति जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं।

फेमिन बाई का सफल ऑपरेशन
रायपुर के गुढ़ियारी क्षेत्र की रहने वाली फेमिन बाई, जो स्थानीय सरकारी स्कूल में कक्षा छठवीं की छात्रा है, लंबे समय से ब्लाइंडर सिंड्रोम से पीड़ित थीं — यह एक दुर्लभ स्थिति है जिसमें नाक दब जाती है और चेहरे की बनावट पर असर पड़ता है।
उनके शिक्षक की मदद से परिवार को “प्रोजेक्ट जिंदगी मुस्कुराएगी” योजना के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के सहयोग से फेमिन का इलाज कालड़ा बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी सेंटर में पूरी तरह निःशुल्क किया गया।
डॉक्टरों और परिवार का बयान
वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जन डॉ. सुनील कालड़ा ने बताया —
> “फेमिन की नाक की विकृति का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया है और अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं।”
वहीं, फेमिन के परिजनों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन रायपुर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा —
“इस योजना ने हमारी बेटी की जिंदगी में नई रोशनी और मुस्कान वापस लौटा दी है।”
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