
प्रदीप मिश्रा की कथा: टेंट संचालक ने गुंबद उखाड़ना शुरू कर दिया, कहा – सौदा 1.15 करोड़ रुपये का था, लेकिन केवल 25-30 लाख रुपये ही मिले।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के नागपुरा गांव में चल रही कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा के दौरान टेंट भुगतान को लेकर विवाद सामने आया है। आयोजन समिति और टेंट हाउस संचालक के बीच पैसों को लेकर तनाव की स्थिति बन गई।
1.15 करोड़ की डील, 30 लाख का भुगतान
टेंट-डोम लगाने का सौदा 1.15 करोड़ रुपये में हुआ था, लेकिन अब तक केवल 25 से 30 लाख रुपये का ही भुगतान होने का दावा टेंट संचालक ने किया है। इसी वजह से नाराज होकर टेंट हाउस संचालक ने पंडाल का डोम उखाड़ने की कोशिश की।

पुलिस ने रोका टेंट हटाना
मौके पर पहुंचे एएसपी पद्मश्री हेम प्रकाश नायक ने स्पष्ट किया कि कथा शुरू होने के बाद किसी भी हालत में टेंट नहीं हटाया जाएगा, क्योंकि इससे भगदड़ जैसी स्थिति बन सकती है। दोनों पक्षों को समझाइश दी गई।
रोजाना बन रहा था विवाद
17 से 21 दिसंबर तक चल रही इस कथा में रोजाना हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भुगतान को लेकर हर रात आयोजन समिति और टेंट संचालक के बीच विवाद की स्थिति बन रही थी।

टेंट संचालक का पक्ष
कर्मा टेंट हाउस के संचालक नरेंद्र कुमार साहू ने बताया कि नियमित भुगतान नहीं होने के कारण उन्हें टेंट का आकार करीब 15 प्रतिशत छोटा करना पड़ा। अब समिति से बातचीत के बाद विवाद सुलझ गया है और शेष भुगतान देने पर सहमति बनी है।
आयोजन समिति ने बताया मामूली विवाद
आयोजन समिति की सदस्य प्रिया साहू ने कहा कि बड़े आयोजनों में व्यवस्थाओं को लेकर छोटी-मोटी बातें होती रहती हैं। पंडाल हटाने जैसी कोई बात नहीं है और कथा सुचारू रूप से जारी है।

भुगतान पर बातचीत जारी
आयोजन समिति के पदाधिकारी और पूर्व सरपंच भूपेंद्र रिगरी ने कहा कि टेंट संचालक को नियमित भुगतान किया जा रहा है और विवाद को आपसी सहमति से सुलझाया जा रहा है।
👉 हमारे WhatsApp channel से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇
https://whatsapp.com/channel/0029VbALQC677qVNwdR5Le3V



