
PM ग्राम सड़क योजना में भ्रष्टाचार का खेल: ठेकेदार मालामाल, सरकार कंगाल
रायपुर (जसेरि)। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) में भ्रष्टाचार का गंभीर मामला सामने आया है। भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से योजना के तहत जनता के टैक्स के पैसे की लूट मची है। पुराने ठेकेदारों से वसूली गई विलंब पेनाल्टी राशि को सौदेबाजी के जरिए वापस किया जा रहा है, जिससे सरकार को भारी नुकसान हो रहा है और ठेकेदार मालामाल हो रहे हैं। शिकायतकर्ता विजय कुमार पोद्दार ने इस घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
विलंब पेनाल्टी राशि में सौदेबाजी का खेल
पिछले 5 से 10 वर्षों में PM ग्राम सड़क योजना के तहत घटिया निर्माण और निम्न गुणवत्ता की सामग्री के उपयोग के लिए ठेकेदारों से लाखों रुपये की पेनाल्टी वसूली गई थी। लेकिन अब यह राशि भ्रष्ट अधिकारियों के निर्देश पर ठेकेदारों को वापस की जा रही है। शिकायत के अनुसार, इस वापसी में 40-50% कमीशन की सौदेबाजी हो रही है। ठेकेदारों को गुणवत्ता प्रमाणपत्र देकर उनके घटिया निर्माण को मंजूरी दी जा रही है, जिससे करोड़ों-अरबों का घोटाला सामने आ सकता है।
गुणवत्ता प्रमाणपत्र के नाम पर धोखाधड़ी
आरोप है कि PMGSY के बड़े अधिकारी और ठेकेदार मिलकर गुणवत्ता प्रमाणपत्र के जरिए घटिया निर्माण को वैध बना रहे हैं। इससे न केवल जनता का पैसा दुरुपयोग हो रहा है, बल्कि सड़कों की गुणवत्ता भी खतरे में है। शिकायतकर्ता का दावा है कि यह खेल पूरे छत्तीसगढ़ में चल रहा है, और कई ठेकेदारों को उनकी पेनाल्टी राशि (10 लाख से 90 लाख रुपये प्रति ठेकेदार) वापस की जा चुकी है।

अधिकारियों की मिलीभगत और पुराना इतिहास
शिकायत में कहा गया है कि PM ग्राम सड़क योजना के प्रमुख अभियंता ने अपने अधीनस्थ कार्यपालन अभियंताओं को पुराने कार्यों की पेनाल्टी राशि वापस करने के निर्देश दिए हैं। यह प्रक्रिया 40-50% घूस के साथ चल रही है। विजय कुमार पोद्दार ने बताया कि यही अधिकारी 2015-16 में भी भ्रष्टाचार के मामलों में चर्चित थे। इसके बावजूद, कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे भ्रष्टाचार का यह सिलसिला बेरोकटोक चल रहा है।
सरकार और मंत्रियों की छवि पर असर
शिकायतकर्ता का कहना है कि इस घोटाले से सरकार और मंत्रियों की छवि खराब हो रही है, जबकि उन्हें इस अनैतिक कार्य की जानकारी नहीं है। अधिकारी और ठेकेदार जनता के टैक्स के पैसे को लूटकर अपनी संपत्ति बढ़ा रहे हैं, जबकि ग्रामीण सड़कों की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
जांच की मांग और शिकायत
विजय कुमार पोद्दार ने इस घोटाले की शिकायत मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, ग्रामीण विकास मंत्रालय (नवा रायपुर), आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (तेलीबांधा), लोकायुक्त रायपुर, और विभिन्न समाचार पत्रों को भेजी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से तत्काल जांच की मांग की है ताकि इस घोटाले की पूरी हकीकत सामने आए। पोद्दार ने चेतावनी दी है कि यदि इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो अरबों रुपये के घोटाले का खुलासा हो सकता है।
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