
पटना : Owaisi ने बढ़ाई महागठबंधन की Tension : 6 सीटों के Offer से बिहार की सियासत में हलचल
बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमाई हुई है। एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन को छह सीटों का ऑफर देकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। ओवैसी का कहना है कि उनकी पार्टी गठबंधन में शामिल होकर मंत्री पद की मांग नहीं करेगी, लेकिन अब तक राजद (RJD) इस गठबंधन को लेकर अनिच्छुक नजर आ रही है।

तीन बार कोशिश, फिर भी नाकामी
ओवैसी ने दावा किया है कि उन्होंने महागठबंधन के साथ तालमेल के लिए अब तक तीन बार कोशिश की है, लेकिन कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। उनका कहना है कि सीमांचल इलाके में उनकी पार्टी का जनाधार है और अगर गठबंधन होता है तो एनडीए को कड़ी टक्कर दी जा सकती है।
सीमांचल में AIMIM की पकड़
2020 के विधानसभा चुनाव में AIMIM ने सीमांचल की पाँच सीटों पर जीत दर्ज कर सभी को चौंका दिया था। किशनगंज, अररिया, कटिहार और पूर्णिया जैसे मुस्लिम बहुल जिलों में पार्टी का असर दिखा था। हालांकि, चुनाव के बाद पार्टी के चार विधायक राजद में शामिल हो गए।
सीमांचल की 24 सीटों में से 12 पर एनडीए ने कब्जा किया था, जबकि महागठबंधन सिर्फ सात सीटों तक सिमट गया था। विश्लेषकों का मानना है कि अगर AIMIM चुनाव से बाहर रहती है तो मुस्लिम वोटों के बिखराव से सीधा फायदा एनडीए को हो सकता है।

राजद की दुविधा
राजद की सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर AIMIM को सीमांचल में जगह दी गई, तो वह धीरे-धीरे बिहार के अन्य मुस्लिम बहुल इलाकों में भी पैर पसार सकती है।
इसके अलावा, महागठबंधन में AIMIM के शामिल होने से बीजेपी को “मुस्लिम बनाम हिंदू” की सियासत को हवा देने का मौका मिल सकता है। यही वजह है कि तेजस्वी यादव इस बार कोई बड़ा जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं।
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