
संसद मानसून सत्र 2025: ऑपरेशन सिंदूर, IT बिल और मणिपुर बजट पर होगी गहन चर्चा
मानसून सत्र का हंगामेदार आगाज़
नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई 2025 से शुरू हो गया है, और पहले ही दिन दोनों सदनों में विपक्षी दलों के जोरदार हंगामे ने सत्र की शुरुआत को गरमागरम बना दिया। ऑपरेशन सिंदूर, पहलगाम आतंकी हमले, और बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) जैसे मुद्दों पर विपक्ष ने सरकार को घेरने की रणनीति अपनाई। इस बीच, बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए समय निर्धारित किया गया है।
ऑपरेशन सिंदूर पर 25 घंटे की चर्चा

ऑपरेशन सिंदूर, जिसने हाल ही में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया, इस सत्र का सबसे प्रमुख मुद्दा है। लोकसभा में इस पर 16 घंटे और राज्यसभा में 9 घंटे की चर्चा होगी, जिसके लिए कुल 25 घंटे का समय तय किया गया है। विपक्ष ने मांग की है कि इस चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सदन में मौजूद रहें। सरकार ने इस मुद्दे पर बहस के लिए अपनी सहमति दे दी है, लेकिन विपक्ष चाहता है कि यह चर्चा तुरंत शुरू हो।
इनकम टैक्स बिल 2025 पर 12 घंटे की बहस
आयकर संशोधन विधेयक 2025 (IT बिल) भी इस सत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। लोकसभा में इस बिल पर 12 घंटे की विस्तृत चर्चा होगी। यह बिल 1961 के आयकर कानून को बदलने का प्रस्ताव करता है, और संसदीय समिति ने इसमें व्यक्तिगत करदाताओं के लिए TDS रिफंड और धार्मिक व चैरिटेबल ट्रस्टों के लिए कर छूट जैसे सुझाव दिए हैं। यह बिल आर्थिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मणिपुर बजट पर 2 घंटे की चर्चा
मणिपुर के हालात और वहां की स्थिति को लेकर विपक्ष ने कई सवाल उठाए हैं। मणिपुर बजट पर लोकसभा में 2 घंटे की चर्चा निर्धारित की गई है। विपक्ष का कहना है कि मणिपुर में पिछले ढाई साल से शांति स्थापित नहीं हो पाई है, और इस मुद्दे पर सरकार को जवाब देना होगा। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मणिपुर में शांति बहाली का वादा किया था, जो अभी तक पूरा नहीं हुआ।
अन्य विधेयकों और मुद्दों पर भी होगी बहस
ऑपरेशन सिंदूर और IT बिल के अलावा, संसद में भारतीय डाक विधेयक पर 3 घंटे और राष्ट्रीय खेल विधेयक पर 8 घंटे की चर्चा होगी। इसके अतिरिक्त, तेलुगु देशम पार्टी (TDP) ने आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर विशेष चर्चा की मांग की है, जबकि बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश में बाढ़ और बारिश से हुए नुकसान पर चर्चा की आवश्यकता जताई है।
विपक्ष की रणनीति और सरकार की प्रतिक्रिया
विपक्ष ने ऑपरेशन सिंदूर, मणिपुर हिंसा, और बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी की है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, और अन्य विपक्षी दल चाहते हैं कि प्रधानमंत्री स्वयं इन मुद्दों पर सदन में जवाब दें। दूसरी ओर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर नियमों के तहत चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग देने की अपील की।
सत्र का महत्व और भविष्य की दिशा
यह मानसून सत्र 21 जुलाई से 21 अगस्त तक चलेगा, जिसमें 32 दिनों में 21 बैठकें होंगी। स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए 12 से 17 अगस्त तक कार्यवाही स्थगित रहेगी। यह सत्र न केवल ऑपरेशन सिंदूर और IT बिल जैसे मुद्दों के कारण महत्वपूर्ण है, बल्कि यह 2026 के आम चुनावों के लिए राजनीतिक नैरेटिव को भी आकार दे सकता है। सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के बावजूद, संसद में सार्थक चर्चा की उम्मीद की जा रही है।
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